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बिजली पर महिलाओं की प्रतिक्रिया

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मेरठ। बिजली की प्रस्तावित दरों से घरेलू बजट को झटका लगना तय है। महंगे फल, सब्जी, अंडा और अनाज से जूझ रही महिलाएं पहले से ही परेशान हैं। प्रस्तावित बढ़ी बिजली दरों के चलते बजट बिगड़ना तय है। आम दिनों में बिजली का बिल एक हजार रुपये से कम नहीं आता है। अब दरें बढ़ने से इसमें इजाफा होगा। इस बढ़े हुए खर्च को मैनेज करने में परेशानी आएगी।
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बिजली आम आदमी की पहली जरूरत है। इसके बिना गुज़ारा मुश्किल है। घर में रसोई से लेकर बाथरूम तक बिजली के उपकरण चलते हैं। ऐसे में बिजली की खपत पर नियंत्रण करना मुश्किल काम है। हालांकि इसके अतिरिक्त कोई अन्य रास्ता नहीं है। -निशि जैन, गृहणी

बिजली की खपत कम करना है एकमात्र उपाय है। उपकरणों का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करना होगा। यदि सरकार बढ़ी हुई दरों पर रोक लगाए तो आम आदमी को राहत मिल सकती है। -डॉ. कविता जैन, प्राचार्या
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अभी तक रसोई, होटल और पार्टी के खर्च में कटौती करते थे, लेकिन अब बिजली की खपत पर भी नियंत्रण करना होगा। एक कमरे में बैठकर पूरा परिवार टीवी देखेगा ताकि दूसरे टीवी न चलाने पड़ें। -मोना तेवतिया, गृहणी
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