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सीएम के दरबार तक पहुंचा प्रेशर हॉर्न का मामला

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मेरठ।
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रोडवेज बसों से प्रेशर हॉर्न नहीं हटाने का मामला पीएमओ तक पहुंच गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारियों ने ढुलमुल जवाब देकर पीछा छुड़ा लिया है। हालांकि बसों में अब भी प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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शहर के समाजसेवी डॉ. दिनेश अग्रवाल ने रोडवेज बसों में प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न लगे होने और चालकों द्वारा इनका इस्तेमाल किए जाने से लोगों को हो रही परेशानी की शिकायत पीएमओ से की थी। उन्होंने प्रदेश शासन को निर्देश देकर प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल बंद कराने का आग्रह किया था। इस पर शासन के निर्देश पर रोडवेज के मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन ने आरएम मेरठ रीजन एसके बनर्जी को अवगत कराकर प्रेेशर हॉर्न उतरवाने के निर्देश दिए थे। वहीं, कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी ताकि पीएमओ को अवगत कराया जा सके। डॉ. दिनेश अग्रवाल ने बताया कि आरएम एसके बनर्जी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और हल्की-फुल्की कार्रवाई करके मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने का लेटर भेज दिया। हालांकि हकीकत इसके उलट है। अब भी बसों में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी तेज आवाज से लोगों को परेशानी हो रही है। इस बारे में आरएम एसके बनर्जी ने निगम और अनुबंधित बसों से प्रेशर हॉर्न उतारे जाने के निर्देश दे दिए थे। उन्होंने अपने सामने भी अभियान चलवाकर काफी बसों से हॉर्न उतरवाए थे। यदि अब भी कुछ बसों में हॉर्न लगे हैं तो इसे दिखवाया जाएगा।
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मुख्य बातें
डॉ. दिनेश अग्रवाल ने रोडवेज बसों में प्रेशर हॉर्न लगे होने की पीएमओ से की थी शिकायत
जवाब में रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि सभी चालकों को दे दिए प्रेशर हॉर्न हटाने के निर्देश
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