मेरठ। शहर के दो वरिष्ठ शिक्षकों को 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति अवार्ड से नवाजा जाएगा। सरकारी नौकरी को समाजसेवा मानकर अपनी जिम्मेदारी निभाने पर इन दोनों शिक्षक ों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सम्मानित करेंगे। आरजी इंटर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रजनी रानी शंखधर एवं प्राथमिक विद्यालय पेपला नंबर एक रोहटा के प्रधानाध्यपक ओंकार शर्मा को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षकों को 4 सितंबर को दिल्ली पहुंचना है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रतिवर्ष इस सम्मान समारोह का आयोजन होता है।
स्कूल और घर में जलाया शिक्षा का दीपक
1991 से शिक्षा क ार्य में संलग्न ओंकार शर्मा 2006 से प्राथमिक विद्यालय पेपला नंबर एक रोहटा में बतौर प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत हैं। अपना जीवन शिक्षा को समर्पित किया है। वह कहते हैं सरकारी नौकरी समझकर कभी मैंने शिक्षण कार्य नहीं किया। बल्कि हमेशा देशसेवा माना। उनके बाबाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। आेंकार शर्मा कहते हैं हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बनकर तो देशसेवा नहीं कर पाए, लेकिन छात्रों को पढ़ाकर देश का विकास कर सकते हैं। सोचा भी नहीं था कि इतने बड़े सम्मान के लिए चयन होगा। इससे पहले आेंकार शर्मा को साक्षरता, आशा ज्योति कार्यक्रम, जनजागरण अभियान के लिए सम्मान मिल चुके हैं। पल्स पोलियो अभियान के लिए भी भारत सरकार सम्मानित कर चुकी है। कारगिल शहीदों के लिए अपनी ओर से धनराशि भी दे चुके हैं। कविताएं लिखते हैं इसलिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी सम्मान मिला है। पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय अब्दुल कलाम भी सम्मानित कर चुके हैं। आेंकार शर्मा के तीन बेटे, संदीप, प्रवीण, विजय हैं, तीनों बेटे नौकरी में हैं।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा ही जीवन ध्येय
आरजी इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रजनी रानी शंखधर के जीवन का ध्येय समाज में बालिका शिक्षा क ो बढ़ावा देना है। 2009 से आरजी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल पद संभालते हुए डॉ. शंखधर हजारों बालिकाओं के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला चुकी हैं। निर्धन बालिकाओं की फीस स्वयं भरकर उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करती हैं। सरकारी विद्यालय में निजी स्कूलों की तरह अच्छी सुविधाएं व अंग्रेजी की शिक्षा पर अधिक जोर है। स्कूल में छात्राओं को अंग्रेजी में माहिर बनाने के लिए अंग्रेजी में बातचीत करने के कदम पर बल दिया है। हॉकी, धनुषविद्या, तलवारबाजी, कराटे में भी बालिकाओं को आगे बढ़ा रही हैं। 1990 से शिक्षण कार्य कर रही डॉ. शंखधर का एसवी इंटर कॉलेज, शांति सागर दिंगबर जैन इंटर कॉलेज छपरौली, बीडी जैन गर्ल्स इंटर कॉलेज में सेवाएं दे चुकी हैं।