दो माह में निपटाएं अवैध कांप्लैक्स का मामला
मेरठ।
हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित सरकारी जमीन पर बने अवैध कांप्लैक्स के मामले में अब गेंद पूरी तरह प्रशासन के पाले में आ गई है। युवा समाजसेवी सचिन सैनी की रिट पर हाईकोर्ट ने इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी को दो माह में मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है।
खसरा नंबर 4632 की जमीन नजूल की है, जिस पर प्रशासन का मालिकाना हक है। लेकिन कुछ लोगों ने इस जमीन को कब्जा लिया। इसमें दो बिल्डरों ने एक व्यावसायिक कांप्लेक्स का निर्माण कर 72 दुकानें बेच डालीं। अमर उजाला ने जब इसका खुलासा किया तो प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले में जांच बैठा दी। जांच में पता चला कि करीब चार हजार वर्ग मीटर जमीन पर 93 लोग कब्जेदार हैं। इन सभी को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की तरफ से नोटिस जारी हुए। लेकिन अभी तक मात्र पांच लोग ही जवाब दे पाए हैं।
वहीं दूसरी तरफ इस मामले में तहसीलदार मेरठ की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए युवा समाजसेवी सचिन सैनी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी। जिसमें रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी जमीन को 93 लोगों ने कब्जा लिया और निर्माण कर लिया है। लेकिन प्रशासन इस मामले में अब कार्रवाई से पीछे हट रहा है। इस जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को चीफ जस्टिस की कोर्ट में सुनवाई हुई और जस्टिस ने दो माह के भीतर इस मामले को निस्तारित करने का आदेश जिलाधिकारी मेरठ को दिया है।
ध्वस्तीकरण ही होगा विकल्प
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब इस जमीन पर काबिज लोगों को हटाते हुए निर्माण को ध्वस्त करना ही विकल्प बचा है। क्योंकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि सरकारी जमीन का निजी कार्य के लिए समायोजन किया जा सके।
खास बात
हाईकोर्ट ने सचिन सैनी की रिट पर दिया जिलाधिकारी को आदेश