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किसान आरपार की लड़ाई के मूड में

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किसान आरपार की लड़ाई के मूड में
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फलावदा। भूमि उपलब्ध नहीं होने के बावजूद करोड़ों की लागत से सांसद निधि के सड़क निर्माण का प्रस्ताव किसानों के लिए मुसीबत बन कर रह गया है। किसानों को सत्ता के इशारे पर जेल भिजवाने की धमकी देकर उनके खेतों में जबरन जेसीबी चलवा दी गई। चार गांवों के किसान आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक सांसद निधि से झिंझाड़पुर गांव को जाने वाले माइनर की पटरी निर्माण का टेंडर छोड़ा गया है। माइनर की पटरी की चौड़ाई अभिलेख में पांच मीटर है, लेकिन टेंडर में सड़क निर्माण सात मीटर चौड़ा पास कर दिया गया। निर्माण का ठेका सत्तारूढ़ पार्टी के चेहते ठेकेदार को दिया गया है। ठेकेदार द्वारा कार्य संपन्न कराने के लिए जेसीबी मंगवाकर किसानों के खेतों में चलवा दी गई। इससे किसानों की फसलें नष्ट हो गईं। जिसके चलते किसानों में आक्रोश है। ठेकेदार ने जेसीबी से किसानों के नलकूप तक उखाड़ डाले। किसानों ने आरोप लगाया कि उनके खेतों से जमीन एवं मिट्टी ली जा रही है। खेतों की जमीन जबरन कब्जा किया जा रही है। खनन करके कृषि भूमि को बंजर बनाया जा रहा है। किसानों ने इसका विरोध किया। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सत्ता का खौफ दिखाया जा रहा है। जितेंद्र, रविंद्र, योगेंद्र, रशीद, अहसान एवं हसमत आदि दर्जनों किसानों ने शिकायत उपजिलाधिकारी से की। बताया कि किसानों की शिकायत पर एसडीएम के निर्देश पर हुई लेखपाल की जांच में पटरी की चौड़ाई पांच मीटर पाई गई, जबकि टेंडर में निर्माण कार्य सात मीटर चौड़ा कराया जा है। क्षेत्र के चार गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इस मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। बताया कि पुलिस को भी जबरन किसानों के खेतों की जमीन पर सड़क निर्माण कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार संदीप का कहना है कि विभाग द्वारा टेंडर दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में एसडीएम मवाना ने शनिवार को दोनों पक्षों को तलब किया है।
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