मिल में पहुंच रहा हरियाणा, बागपत का रिजेक्ट गन्ना
- अधिकारियों ने मिल गेट पर पकड़ा गन्ना, किसानों का हंगामा
- कुछ किसान अपनी पर्ची गन्ना माफियों को रहे बेच, मिल करेगा किसानों की सदस्यता खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। बजाज शुगर मिल किनौनी के क्षेत्र के किसानों का अधिकांश गन्ना खत्म हो गया है। जिन किसानों के खेत में गन्ना बाकी है उनको समिति से पर्ची देकर खरीद की जा रही है। ऐसे में मिल के बाहरी क्षेत्र के लोग स्थानीय लोगों की पर्चियों पर गन्ना आपूर्ति कर रहे है। रविवार को मिल गेट पर अधिकारियों ने बाहरी गन्ने से भरी ट्रालियां पकड़ी। जिसको लेकर हंगामा हुआ।
मिल अधिकारियों का कहना है कि पर्चियां तो मिल गेट के गांव कलीना, डालमपुर, भदौड़ा, मीरपुर रसूलपुर जाहिद, हसनपुर, रजापुर, किनौनी आदि गांवों के किसान के नाम पर है। इन पर्चियों पर हरियाणा व बागपत का रिजक्ट गन्ना आ रहा है। गन्ने की पहचान कर रोजाना मिल गेट पर ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी जा रहीं है। रविवार को भी कई ऐसे केस मिले जिसका मिल गेट क्षेत्र के किसानों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि बाहरी गन्ना मिल के कर्मचारियों व कुछ गन्ना माफियों की मिली भगत से मिल में आपूर्ति हो रहा है। जिससे स्थानीय किसान परेशान हैं। उन्हें कम पर्चियां दी जा रही है। जिससे उनका मिल में गन्ना आपूर्ति करने में देरी हो रही है। हंगामा कर रहे किसानों को गन्ना प्रबंधक मनीष दहिया ने समझाया। उन्होंने कहा कि मिल का कोई भी कर्मचारी संलिप्त नहीं है। फिर भी जांच कराई जायेगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। अधिकारियों के मुताबिक जो बाहरी गन्ना लाया गया था उसके गेट से ही वापस करा दिया गया। गन्ना महाप्रबंधक राजकुमार टाया का कहना है कि चीनी मिल क्षेत्र के अधिकांश किसानों का गन्ना मिल को आपूर्ति हो चुका है। जिसके कारण मिल में गन्ने की कमी होती जा रही है। मिल गेट क्षेत्र के कुछ किसान गन्ना माफियों से मिली भगत कर गन्ना पर्चियां समिति द्वारा जारी करा रहे है। उन बची हुई पर्चियों को गन्ना माफियों को उपलब्ध करा रहे है। यह गन्ना माफिया हरियाणा व बागपत से गन्ना सस्ती दर पर खरीद कर किनौनी मिल गेट पर आपूर्ति करने के पहुंच रहे है। जिला गन्ना अधिकारी आन्नद कुमार शुक्ला का कहना है कि क्षेत्रीय किसान मिल जाते समय अपनी कोई भी आईडी लेकर आएं। जिससे गन्ना माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सके। जो किसान गन्ना माफियों को अपनी पर्चियां दे रहे है उन्हें चिह्नित कर बांड बंद कर सदस्यता खत्म की जाएगी।