15 विद्यालयों ने बोर्ड को नहीं भेजे आंतरिक मूल्यांकन के अंक
- परीक्षा शुरू होने से पहले भेजे जाने थे अंक
- मूल्यांकन खत्म होने के बाद भी नहीं भेजे गए
- विद्यार्थियों का रिजल्ट रुका तो प्रधानाचार्य होंगे जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन समाप्त हो चुका है, लेकिन अभी भी 15 स्कूलों ने आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक बोर्ड को उपलब्ध नहीं कराए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने साफ कर दिया है कि अगर किसी विद्यार्थी का रिजल्ट रुका तो इसके लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
परीक्षा शुरू होने के पहले ही परिषद की वेबसाइट पर प्राप्तांक अपलोड करने थे। बोर्ड की ओर से लगातार आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक उपलब्ध कराए जाने की रिपोर्ट भेजी जा रही है, लेकिन जिले के 15 विद्यालयों ने अभी तक यह उपलब्ध नहीं कराए हैं। हाईस्कूल के सभी विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक और इंटरमीडिएट में खेल, योग और शारीरिक शिक्षा के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक अपलोड किए जाने हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने ऐसे स्कूलों को परिषद की वेबसाइट पर प्राप्तांक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस गिरजेश चौधरी ने कहा कि अगर आतंरिक मूल्यांकन की वजह से किसी विद्यार्थी का परिणाम रुकता है तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद
दो मार्च को यूपी बोर्ड की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। परीक्षाओं का मूल्यांकन प्रदेश स्तर पर 8 मार्च से शुरू हो गया था, मगर मेरठ में आठ और नौ मार्च को विभिन्न तरह की परीक्षाएं थीं, जिस कारण यहां मूल्यांकन 10 मार्च से शुरू हुआ था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। मेरठ में करीब 80 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है, जिनका रिजल्ट आएगा। नकल पर नकेल के बावाजदू पिछली बार रिजल्ट काफी बेहतर रहा था। इस बार भी ऐसी ही उम्मीद जताई जा रही है।