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गुनहगारों की सजा दिलाने के लिए चक्कर काट रहा पिता

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मेरठ। बेटे की हत्या के गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए करीब पौने तीन साल से पिता कचहरी में चक्कर काट रहा हैं। तारीख पर तारीख लग रही है। हर तारीख पर पिता पहुंचता है। कहता कि इकलौता बेटा खोया है, बस अब न्यायपालिका से ही इंसाफ की आस है।
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14 जून 2015 को हुई हत्या
चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के तपोवन में 14 जून 2015 को छात्र गौरव राठौर का शव खून से लथपथ मिला था। गौरव छुटमुलपुर सहारनपुर का निवासी था। गौरव के पिता रमेश चंद राठौर ने रविंद्र सैनी व उसके भाई नरेंद्र समेत तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मामले को आत्महत्या बताने लगी। बेटे की हत्या हुई, इसको साबित करने के लिए रमेश चंद ने पौने तीन साल तक अफसरों के ऑफिस में चक्कर काटे। पैसे की डीलिंग तक हुई, जोकि वायरल भी खूब हुई। रमेश का आरोप है कि गौरव ने प्रियंका नाम की लड़की से लव मैरिज की थी। जिसके चलते लड़की पक्ष ने उसकी हत्या करा दी।
फास्ट ट्रैक में विचाराधीन
सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि गौरव हत्याकांड में मेडिकल पुलिस ने रविंद्र व नरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट लगाकर कोर्ट में दाखिल की है। यह केस फास्ट ट्रैक में विचाराधीन है। तीसरे आरोपी का नाम पुलिस ने साठगांठ करके निकाल दिया है। इसकी दोबारा से थाना पुलिस जांच कर रही है। केस के वादी रमेशचंद और नवीन त्यागी की गवाही हो चुकी है। 23 बृहस्पतिवार (आज) फिर इस केस में कोर्ट में तारीख है। हर तारीख पर रमेश चंद कचहरी में आते हैं।
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बेटे को इंसाफ मिल जाए
रमेश चंद का कहना कि गौरव इकलौता बेटा था। बेटे की मौत का गम उसका परिवार कभी नहीं भूल सकता। अब उसका परिवार गौरव को इंसाफ दिलाने की उम्मीद लगाए बैठा है। गौरव के गुनहगारों को सजा मिल जाए, बस इसी उम्मीद से हर तारीख पर जाता हूं। उसको इंसाफ दिलाने के लिए आखिर सांस तक आरोपियों से लड़ूंगा। एक आरोपी रविंद्र जेल में है, जबकि नरेंद्र जमानत पर बाहर है।
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