मेरठ। कैंट में जिस आबूनाले को 15 दिन पहले साफ कर दिया जाना था, वो अभी भी सिल्ट और गंदगी से अटा पड़ा है। लापरवाही का आलम ये है कि ये सब भी तब हो रहा है जबकि सीईओ ने पहले ही नाला सफाई के आदेश दिए थे। ऐसे में अब अगर सफाई शुरू भी हो गई तो बारिश होने के बाद सारी गंदगी का सड़कों पर आना तय है।
कैंट में आबूनाला सबसे बड़ा नाला है। बारिश के वक्त आबूनाला पानी और कीचड़ से लबालब भर जाता है। पानी की निकासी नहीं होने के चलते सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। इसको देखते हुए कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने भी सीईओ प्रसाद चव्हाण से बात की थी। करीब 15 दिन पहले सीईओ ने नाला सफाई के आदेश दिए थे। कैंट बोर्ड की सफाई टीम ने एक दिन जेसीबी लगाकर सफाई की खानापूर्ति की। लेकिन इसके बाद काम को रोक दिया गया।
जहां जून के पहले सप्ताह में ही पूरे नाले की सफाई हो जानी चाहिए थी। वहीं, मंगलवार तक भी कैंट बोर्ड की टीम पोर्कलेन मशीन नहीं आने का रोना रोती रही। कैंट बोर्ड अफसरों का दावा है कि बुधवार या बृहस्पतिवार से सफाई अभियान शुरू हो जाएगा। लेकिन सवाल ये है कि अब अगर सफाई शुरू भी हो गई तो क्या बारिश से पहले सारे नाले की सफाई हो जाएगी। अगर नाले की सफाई के दौरान उससे निकली सिल्ट और गंदगी को नाले के बराबर में ही डाला गया तो जरा सी बारिश से मुसीबत आ जाएगी।
ताकि कोई समस्या न आए
नाले से सिल्ट निकाले जाने के बाद उसे तीन दिन बाद ही उठाया जा सकता है। क्योंकि अब समय कम है तो इस बारे में अफसरों से बात की जाएगी कि सिल्ट को साथ के साथ उठवा लिया जाए ताकि बारिश होने पर समस्या न आए। -बीना वाधवा, कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष
- 15 दिन पहले दिए थे सीईओ ने आदेश, बारिश हुई तो गंदगी का सड़कों पर आना तय
- समय कम होने के चलते कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष ने कही सिल्ट साथ के साथ उठवाने की बात