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27 को

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चांदीनगर (बागपत)। गाजियाबाद और बागपत की सीमा पर स्थित गढ़ी गांव के पास कई गांवों के ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि हिंडन नदी पर पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों में खुशी थी, लेकिन अब कार्य बंद होने से रोष व्याप्त है। काम बंद होने से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के प्रति नाराज है। पुल निर्माण के संबंध में गाजियाबाद डीएम को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बबली कसाना ने कहा कि दो दिन में कार्य शुरू न होने पर 27 मई को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे स्थित रेवड़ी गांव में हाइवे को नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा गांव के किसान सड़क पर उतरकर अपना हक लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा क्षेत्रीय किसान अपमान और अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसमें तेजपाल आर्य, भूलेराम, राजेंद्र, मूलचंद, बिजेंद्र, शिवकुमार, पवन, रामदास भाटी, मेहर सिंह, हरिराम, कृष्ण, हरीश, अजय आदि मौजूद रहे।
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लोनी के सिरौरा सलेमपुर गांव और रेवड़ी-रेवड़ा गांव के बीच हिंडन नदी पर पुल नहीं बनने से नाराज 80 गांव के किसानों ने मंगलवार को महापंचायत की। उन्होंने महापंचायत में एलान किया कि दो दिन में पुल का काम शुरू नहीं हुआ तो वे 27 मई को प्रधानमंत्री के उद्घाटन के वक्त ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को जाम करेंगे। पंचायत में प्रधानों, पूर्व प्रधा और बीडीसी सदस्यों ने भी शिरकत की।
सुबह करीब 10 बजे लोनी, मुरादनगर, बागपत और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के 80 गांवों के किसान और ग्रामीण सिरौरा सलेमपुर गांव में हिंडन नदी के पास एकत्र हुए। उन्होंने महापंचायत में प्रशासन और शासन द्वारा पुल निर्माण में लेटलतीफी और पुल निर्माण का स्थान बदलने की निंदा की। महापंचायत में किसानों ने निर्णय लिया कि यदि दो दिन में पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो 27 मई को 80 गांवों के लोग ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को जाम करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि सांसद वीके सिंह का भी ध्यान इस ओर कई बार दिलाया गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं किया। किसानों ने कहा कि 19 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलिवेटेड रोड के उद्घाटन के साथ इस पुल के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया था। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण की सामग्री को रखने के लिए उन्होंने अपने खेतों में खड़ी कच्ची फसल काट दी थी, लेकिन करीब दो माह बाद भी पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ, जिससे वे नाराज हैं। पुल के बनने से लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा के किसानों को फायदा होगा। साथ ही दिल्ली-मेरठ की दूरी भी कम हो जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य बबली कसाना, ग्राम प्रधान पवन कसाना, महेश, राजेंद्र, सतेंद्र चौधरी, धर्मपाल सिंह, खड़क सिंह, देवदत्त त्यागी, संजय त्यागी, पवन सिंह, उमेश त्यागी, अनिल कसाना, जय प्रकाश शर्मा, बलराज आदि मौजूद रहे।
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मुरादनगर। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से प्रभावित किसानों ने एक बार फिर हुंकार भरी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि सर्विस रोड और बचा तीस प्रतिशत मुआवजा नहीं मिला तो वे 27 मई को एक्सप्रेस वे के उद्घाटन का विरोध होगा। विकास संघर्ष समिति की एक बैठक मंगलवार को हुई। समिति के सचिव सलेक भइया ने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के निर्माण के वक्त एनएचएआई ने सर्विस रोड के निर्माण की बात कही थी। एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। 27 मई को प्रधानमंत्री बागपत में एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। किसान सर्विस रोड और मुआवजे की मांग को लेकर 48 दिन के धरने पर बैठे थे, लेकिन बाद में धरना बंद कर दिया था। 30 प्रतिशत से अधिक मुआवजा नहीं मिला है। आरोप है कि रेवड़ा रेवडी व मनौली में 14 किसानों की जमीन बिना अधिगृहण किए सड़क बना दी है। 24 मई को रेवड़ा रेवड़ी में किसानों की महापंचायत की जाएगी। इस दौरान दिनेश त्यागी, वेदप्रकाश, कबुल सिंह, मनोज, निति, राजकुमार, बाबुराम, विक्रम, सतपाल, सुंदरलाल आदि किसान मौजूद रहे। ब्यूरो
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