फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगी गन्ना समितियों की परसिंपतियां

विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगी गन्ना समितियों की परिसंपत्ति
विज्ञापन

- शासन ने जिले के सभी जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
- गन्ना विकास समितियों की परिसंपत्तियों को नहीं किया जा सका राजस्व अभिलेखों में दर्ज, भूमाफिया कर रहे कब्जा
मेरठ। सहकारी गन्ना विकास समितियों की वर्षाें पुरानी परिसंपत्तियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा। शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को परिसंपत्तियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। यह जानकारी विभाग के सीपीओ भूपेंद्र बिस्ट ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियों की वर्षों पुरानी परिसंपत्तियां राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं की जा सकी है। लंबे समय से समितियां इसकी मांग करती रही है। समितियों का कहना है कि परिसंपत्तियां राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं होेने से उनके भूमाफियाओं द्वारा कब्जाए जाने की शिकायत मिल रही थी। अब गन्ना आयुक्त संजय आर भूस रेड्डी ने परिसंपत्तियों को बचाने के लिए उन्हें राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मेरठ मंडल की भी तमाम पुरानी परिसंपत्तियां ऐसे ही पड़ी हुई है। गन्ना आयुक्त के निर्देश के बाद अब ये परिसंपत्तियां भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो सकेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें