मेरठ। बंगला नंबर 210 बी में आरआर मॉल के मामले में निलंबित चल रहे सीईई अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से तो राहत मिल गयी है। लेकिन कैंट बोर्ड में वापसी का निर्णय बोर्ड में लिया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर बोर्ड बैठक बुलाने की तैयारी शुरू हो गयी है। क्योंकि हाईकोर्ट का आदेश भी मंगलवार को कैंट बोर्ड पहुंच गया।
छावनी क्षेत्र स्थित बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल पर कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 की सुबह चार बजे बुलडोजर चला दिया था। तीन मंजिली इमारत के सभी पिलर काटकर कच्चे होने के कारण इमारत भरभराकर गिर पड़ी थी। जिसमें पांच लोग दब गए थे। इनमें से चार लोगों के शव मलबे से निकाले गए थे। जबकि एक व्यक्ति को घायल अवस्था में निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना के आरोप में कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव, सीईई अनुज सिंह, सहायक अभियंता पीयूष गौतम, अवर अभियंता अवधेश यादव, योगेश यादव, अरविंद गुप्ता सहित अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी। सीईई अनुज सिंह को छह माह से अधिक समय जेल में गुजारना पड़ा था। जेल से आने के बाद अनुज सिंह की कैंट बोर्ड में बहाली नहीं हो सकी थी। उसके बाद सीईई हाईकोर्ट पहुंच गए थे। दो दिन पहले ही हाईकोर्ट ने सुनवाई करके अनुज सिंह को बहाल करने का आदेश जारी कर दिया। मंगलवार को न्यायालय का आदेश कैंट बोर्ड ऑफिस पहुंच गया।
इस संबंध में सीईओ राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। लेकिन यह मामला बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड को ही अंतिम कार्रवाई का अधिकार है। शीघ्र ही बोर्ड बैठक बुलायी जाएगी।
खास बातें
- अब बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है तैनाती का मामला
- बंगला नंबर 210 बी ध्वस्तीकरण के मामले में हुए थे निलंबित