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हाईवे पर हवा में नियम कानून, सिस्टम भी खामोश

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मोदीपुरम। नेशनल हाईवे-58 पर नियम कानून हवा में हैं। लोगों ने अपने हिसाब से डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए, जो मौत के कट साबित हो रहे हैं। इन कटों से लोग पैदल के साथ दोपहिया और चौपहिया वाहन लेकर निकलते हैं। एनएचएआई, टोल कंपनी और पुलिस-प्रशासन सभी कट बंद कराने के बजाय मौन हैं।
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दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कंकरखेड़ा से लेकर रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर तक सात अवैध कट खुले हुए हैं। इन अवैध कटों पर आलम यह है कि दोपहिया वाहन से लेकर बड़े वाहन तक निकाले जा रहे हैं। सिवाया गांव में तो भैंसा बुग्गी भी निकल रही हैं, जिस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। अवैध कट पर जब लोग पैदल निकलते है तो तेजी से गाड़ी आने के कारण हादसा हो जाता है।
हाईवे बनने के बाद माना जा रहा था कि सड़क हादसों में कमी आएगी। लेकिन पांच साल में हुए हादसे रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। जब तक हाईवे पर अवैध कट बंद नहीं होंगे, मौत का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा। सवाल यह है कि एनएचएआई और टोल कंपनी टैक्स तो ले रही है। लेकिन अभी तक अवैध कट को बंद नहीं कराया गया है। इन कटों को देखकर अन्य स्थानों पर भी अवैध कट खोलने के लिए ग्रामीण लगे रहते है। एनएचएआई भी कट को बंद करने के लिए गंभीर नहीं दिख रहा है।
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तेजी से निकलते हैं कट से
जहां पर अवैध कट खुले हुए है, वहां से एनएचएआई द्वारा छोड़े गए कटों की दूरी दो सौ से चार सौ मीटर के करीब है। लेकिन फिर भी वाहन चालकों को यह मुनासिब नहीं लगता कि वह नियमानुसार वैध कट से ही टर्न लें। जल्दबाजी के चलते वाहन चालक अवैध कट से ही अपने वाहन निकालते हैं और दूसरी लेन से अपनी रफ्तार में आने वाले वाहनों से भिड़ंत हो जाती है। दरअसल गाड़ी की स्पीड इतनी तेज होती है कि कट होने के कारण कुछ नहीं दिखता है और हादसा हो जाता है।
हादसे के बाद दौड़ते हैं
इन अवैध कटों के चलते कोई हादसा होने पर टोल प्लाजा की एंबुलेंस को दौड़ाया जाता है। हाईवे पर टोल की दो एंबुलेंस और एक क्रेन है। टोल के रूट ऑपरेशन मैनेजर राणा प्रताप सिंह का कहना है कि हाईवे पर हादसे कम हों, इसके लिए समय-समय पर यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। हाईवे पर हो रहे हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सबसे पहले पहुंचती है, जिसका यही कारण है कि घायलों की जान भी बच जाती है। लेकिन सवाल यह है कि ये अवैध कट बंद क्यों नहीं होते, जिससे इन हादसों पर ही रोक लग सके।
पुलिस करे सहयोग
टोल के मेंटेनेंस मैनेजर बृजेश सिंह कहते हैं कि अवैध कट को बंद कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजे जा रहे हैं। इस संबंध में एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। पुलिस के सहयोग से ही कट बंद हो सकेंगे। हम कट बंद कराते हैं तो ग्रामीण फिर से खोल देते हैं। दोबारा से बंद करने के लिए फिर से प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही बंद कराए जाएंगे।
आज कराएंगे कट बंद
सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह का कहना है कि अवैध कट खुले रहने से हाईवे पर हादसे हो रहे हैं। पुलिस को भेजकर टोल कंपनी के साथ शुक्रवार को इन्हें बंद कराया जाएगा। अगर ग्रामीण इसे खोलते हैं तो इस पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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खास बातें
हाईवे पर वैध से ज्यादा अवैध कट, मौत के बन रहे जिम्मेदार
पुलिस-प्रशासन को टोल कंपनी ने कई पत्र, नहीं कराए गए बंद
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