मोदीपुरम (मेरठ) । पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वेस्ट यूपी में बारिश शुरू हो गई है। मानसून ने जाते-जाते सितंबर में 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पारा भी सात डिग्री सेल्सियस गिर गया है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अगले 48 घंटे तक मेरठ समेत एनसीआर क्षेत्र में झमाझम बारिश की संभावना बनी हुई है। सितंबर में अब तक 187 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
वेस्ट यूपी में बने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में एकाएक बदलाव हुआ। शुक्रवार सुबह से ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। कई जगह जलभराव की समस्या हुई और हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। बारिश का असर सुबह से लेकर रात तक चलता रहा। मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 व न्यूनतम 90 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम कार्यालय पर बारिश 50.4 मिमी रिकॉर्ड की गई है। सितंबर में यह बारिश 23 साल में सबसे अधिक रिकॉर्ड की गई है। आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि वेस्ट यूपी और एनसीआर क्षेत्र में अभी 48 घंटे तक बारिश का अलर्ट जारी है। यह मानसून की जाती हुई बारिश है। इससे लाभ होगा।
फसलों के लिए सोना है बारिश
झमाझम हुई बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया, वहीं यह बारिश फसलों के लिए भी अच्छी है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सह निदेशक प्रसार डॉ. सतेंद्र कुमार खारी का कहना है कि बारिश से गन्ने की फसल को लाभ मिलेगा। धान की पछेती फसल को भी लाभ होगा, लेकिन जो अगेती फसल कट चुकी है और खेत में पड़ी है, उसके लिए यह बारिश सबसे ज्यादा नुकसान दायक होगी। इसके अलावा चारा के फसल को भी लाभ मिलेगा।
ऐसे बना बारिश का सिस्टम
एक बार फिर से वेस्ट यूपी में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ और लो प्रेशर सिस्टम आपस में मिल गए हैं, जिस कारण से बारिश की संभावना बढ़ गई और मौसम ने पलटी मारी और झमाझम बारिश शुरू हो गई। ऊपरी क्षेत्र में जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, तभी बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।
23 वर्षों में सितंबर में हुई बारिश
वर्ष बारिश
1995 142.1
1996 50
1997 86.5
1998 112.6
1999 118.7
2000 149.6
2001 142.3
2002 134.1
2003 112.9
2004 90.4
2005 48.6
2006 94.5
2007 77.7
2008 36.6
2009 60
2010 142.9
2011 10.6
2012 95.6
2013 45.2
2014 104
2015 9.2
2016 21.2
2017 187
आंकडे़ मौसम विभाग से लिए गए हैं।