मेरठ। जिन मार्गों से नगर निगम अवैध होर्डिंग हटा चुका है, अगर उन मार्गों पर अब फिर से होर्डिंग पर प्रचार होता मिला तो एफआईआर होगी। यह निर्णय निगम प्रशासन ने लिया है। मार्गों पर लगे होर्डिंग का निरीक्षण भी शुरू करा दिया है। अवैध होर्डिंग पर प्रचार मिलने पर वह लोग भी फंसेंगे, जिनकी कंपनी और दुकान आदि का प्रचार होता मिलेगा। एफआईआर के साथ-साथ भारी जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
शासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने लगातार एक सप्ताह तक शहर के मुख्य मार्गों से अवैध होर्डिंग से प्रचार सामग्री हटवाई। लेकिन अब देखने में आ रहा है कि उन सभी मार्गों पर फिर से यूनिपोल और होर्डिंग पर नवरात्रि में विभिन्न सामानों के ऑफर संबंधी प्रचार प्रसार शुरू हो गए हैं। इसकी शिकायत उच्चाधिकारी से की जा रही है। होर्डिंग माफिया अवैध तरीके से प्रचार सामग्री लगाकर जहां नगर निगम को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं व्यापारी और विभिन्न कंपनियों के साथ भी धोखा कर रहे हैं।
नगर निगम ने कमिश्नरी आवास से जेलचुंगी, विवि मार्ग, बेगमपुल से हापुड़ रोड एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, हापुड़ अड्डा से तेजगढ़ी और काली नदी तक, तेजगढ़ी से एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, बिजली बंबा बाईपास, बेगमपुल से दिल्ली रोड, बागपत रोड और कंकरखेड़ा मार्ग आदि सभी से अवैध होर्डिंग से प्रचार सामग्री हटाने का काम किया था। लेकिन माफियाओं ने फिर से वहां कब्जा करना शुरू कर दिया है।
संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि सभी टैक्स निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं वह प्रतिदिन शहर के सभी मुख्य मार्गों का निरीक्षण करके प्रचार सामग्री की जांच करेंगे। जहां पर भी अवैध यूनिपोल या होर्डिंग पर प्रचार सामग्री लगी पायी जाती है तो उस व्यक्ति, व्यापारी या कंपनी को नोटिस दिया जाएगा, जिसके नाम से प्रचार सामग्री लगी है। अगर व्यापारी ने तीन दिन के अंदर फ्लैक्स लगाने वाले ठेकेदार का नाम नगर निगम प्रशासन को नहीं बताया तो उसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
नवरात्र, दशहरा और दीपावली पर निगम को चूना लगाने की तैयारी
मेरठ। नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध होर्डिंग माफिया नवरात्र, दशहरा और दीपावली पर जहां नगर निगम को लाखों का चूना लगाने की तैयारी कर चुके हैं। वहीं जनता के साथ भी जमकर ठगी होगी। क्योंकि महानगर की सड़कों पर लगे सैकड़ों होर्डिँग, यूनिपोल पूरी तरह से अवैध हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने भी अभियान के दौरान यूनिपोल, होर्डिंग काटने की बजाय केवल फ्लैक्स ही फाड़े थे। जिनका अब उपयोग होने वाला है। जिन होर्डिंग का ठेका एक अप्रैल से छोड़ा जाना था, वह अभी तक भी विधिवत रूप से शुरू नहीं किया गया है। यानी होर्डिंग कारोबार के लिए आवेदन करने वालों को अभी तक भी कार्य करने का आदेश नहीं दिया गया है। जिसके कारण अवैध होर्डिंग कारोबारियों की पौ बारह हो रही है। शहर में प्रतिदिन लाखों रुपये से प्रचार हो रहा है।
- जिन मार्गों से हटाए होर्डिँग, उनकी शुरू करायी मॉनिटरिंग
- तीन दिन का नोटिस दिया जाएगा
- जिस कंपनी या व्यापारी का प्रचार, उसी को दिया जाएगा नोटिस