शुल्क प्रतिपूर्ति ली, परीक्षा नहीं दी, अब खुलेगी पोल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
बीएड में शुल्क प्रतिपूर्ति लेकर हजम करने वालों की अब पोल खुलेगी। समाज कल्याण विभाग शुल्क प्रतिपूर्ति को लेकर निगरानी बढ़ा रहा है। सीसीएसयू के कॉलेजों में कई हजार बीएड छात्र ड्रापआउट हैं। पिछले साल इनकी संख्या बढ़ी है। विवि ने कॉलेजों से ऐसे छात्रों की रिपोर्ट मांगी तो 400 से अधिक कॉलेजों में से सिर्फ 12 कॉलेजों ने रिपोर्ट भेजी है। विवि ने परीक्षा में गैर हाजिर रहने वाले छात्रों का ब्यौरा मांगा था। अब कॉलेजों को रिमाइंडर भेजा जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग ने सीसीएसयू से बीएड सत्र 2016-18 के छात्र-छात्राओं में कितनों ने परीक्षा नहीं दी है इसकी रिपोर्ट मांगी है। विवि ने मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों को पत्र जारी कर रिपोर्ट मांगी थी। दोनों मंडलों में बीएड के 400 से अधिक कॉलेज हैं। रिपोर्ट सिर्फ 12 ने भेजी है। इसमें कई सौ छात्र-छात्राएं परीक्षा में गैर हाजिर रहे। परीक्षा नहीं देने वालों को विभाग शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं देगा। सभी कॉलेजों का रिकॉर्ड सही ढंग से चेक होगा तो संख्या कई हजार में जाएगी। ऐसे भी केस सामने आ रहे हैं, जिन्होंने शुल्क प्रतिपूर्ति ले ली, लेकिन परीक्षा नहीं दी। ऐसे केस का अब शुल्क प्रतिपूर्ति से पत्ता साफ हो जाएगा। शुल्क प्रतिपूर्ति की नियमावली में है अगर शुल्क प्रतिपूर्ति लेकर पढ़ाई छोड़ दी तो वह वापस करनी होगी।
रिकॉर्ड मिलान का डर, जांच हुई तो कई फंसेंगे
शुल्क प्रतिपूर्ति की वजह से बहुत सारे निजी कॉलेज चल रहे हैं। यह हासिल करने के लिए तरह-तहर हथकंडे अपनाए गए हैं। फर्जी छात्र से लेकर फर्जी कागज तक का इस्तेमाल हुआ है। एक कागज से कई जगह आवेदन भी हुआ है। विवि कॉलेजों का रिमाइंडर जारी कर रहा है। अगर वह यह रिकॉर्ड नहीं देते तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। क्योंकि यह रिकॉर्ड समाज कल्याण विभाग के पास जाना है तो कॉलेजों को सूचना देनी होगी। विवि भी इस पर सख्त होने जा रहा है।
खास बातें
- सीसीएसयू ने बीएड कॉलेजों को जारी किया था सर्कुलर
- 12 कॉलेजों ने भेजी रिपोर्ट, इसमें कई सौ गैर हाजिर