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171 नए शिक्षकों से सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता

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171 नए शिक्षकों से सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता
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मेरठ। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में जिले को 171 नए शिक्षक मिले हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही एकल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी हो सकेगी। विभाग की ओर से शिक्षकों को अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूलों का आवंटन किया जा रहा है।
वर्ष 2019 के दिसंबर से अंतरजनपदीय शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही थी। लेकिन पिछले वर्ष कोरोना के चलते चार बार स्थानांतरण प्रक्रिया की तारीखें बदली गईं। जिले में पहले 910 प्राथमिक और 432 उच्च प्राथमिक विद्यालय थे। वर्ष 2020 में कुछ विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम होने पर 100 स्कूलों को दूसरों से संबद्ध किया गया। अब स्कूलों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां उन्हें नियुक्ति दी जाएगी।
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बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की पहली पसंद रजपुरा और मेरठ ब्लॉक के स्कूल हैं। इन ब्लॉकों के विद्यालयों में तैनाती लिए शिक्षक आला अफसरों के अलावा सत्ताधारी मंत्रियों, नेताओं की सिफारिश तक लगवाते रहे हैं। इन ब्लॉकों में शिक्षकों की संख्या अधिक है। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत मेरठ जिले में 200 शिक्षक दूसरे जिलों से आने थे। इनमें 176 शिक्षक ही मेरठ में आ सके। मेरठ से 20 शिक्षकों को जाना था। लेकिन यहां से पांच शिक्षक ही बाहर गए हैं।
आवंटित किए जा रहे विद्यालय
सक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए जा रहे हैं। हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़, माछरा, जानी, सरधना और सरूरपुर ब्लॉक के विद्यालयों में बाहर से आने वाले शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। जिन विद्यालयों में एक-एक शिक्षक थे, वहां शिक्षकों की संख्या बढ़ने से पढ़ाई की स्थिति सुधरेगी।
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अब कम नहीं हैं शिक्षक
जिले में अब शिक्षकों की कमी नहीं रही है। विद्यालय शिक्षक विहीन या एकल नहीं थे। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी थी वहां शिक्षकों को स्कूल दिए जा रहे हैं। - सत्येंद्र सिंह ढाका, बीएसए
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