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तंबाकू और पान मसाला फैक्ट्री पर छापा, 17 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी

Sun, 22 Jan 2017 12:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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डायरेक्टर जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई) मेरठ इकाई की टीम ने बृहस्पतिवार को नोएडा और दिल्ली में अवैध रूप से चल रही पान मसाला और तंबाकू फैक्ट्री संचालक के पांच ठिकानों पर छापामारी की। करीब छह माह से संचालित फैक्ट्री से 17 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी की चोरी पकड़ी गई। पांच करोड़ रुपये का माल सील किया गया। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक चली इस कार्रवाई में फैक्ट्री के सुपरवाइजर मनोज को हिरासत में लिया गया। जबकि मालिक मनोज कुमार सिंह को गिरफ्तार करने की तैयारी है।
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सूत्रों के मुताबिक डीजीसीईआई की लखनऊ स्थित शाखा की तरफ से अपर महानिदेशक राजेंद्र के निर्देश पर मेरठ इकाई ने यह कार्रवाई की। विभाग को इनपुट मिला था कि मां भगवती फूड प्रोडक्ट्स कंपनी भारी पैमाने पर एक्साइज ड्यूटी की चोरी कर रही है। कंपनी ने नोएडा व दिल्ली स्थित रोहिणी में पान मसाला व तंबाकू  उत्पाद के लिए लाइसेंस लिया है जिसमें अभी कोई उत्पादन शुरू नहीं दिखा रही है। लेकिन वो दंगल नाम से पान मसाला व डीजी-2 के नाम से तंबाकू उत्पाद बाजार में बेच रही है, जिसकी बिक्री सहारनपुर व मेरठ में स्थित होलसेल विक्रेताओं के माध्यम से की जा रही है। साथ ही ओडिसा में कंपनी का कारोबार काफी बड़ा है। डीजीसीईआई मेरठ इकाई के डिप्टी डायरेक्टर दर्पण आम्रवंशी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली व नोएडा स्थित कंपनी के पांच ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान दिल्ली की टीम का भी सहयोग लिया गया। शुक्रवार देर शाम तय हुआ कि फैक्ट्री के सुपरवाइजर मनोज को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

रोहिणी में चलती मिली कंपनी
कंपनी ने सेंट्रल एक्साइज विभाग से नोएडा सेक्टर-63 और इंडस्ट्रियल एरिया रोहिणी में उत्पादन इकाई खोलने के लिए लाइसेंस लिया था। लेकिन छापामारी के दौरान उत्पादन दीपनगर रोहिणी दिल्ली में होना पकड़ा गया। जहां पर तीन मशीनें संचालित मिली। सूत्र बताते हैं कि दीपनगर में छह माह से पान मसाल व तंबाकू का उत्पादन किया जा रहा था। ऐसे में प्रति मशीन सवा से डेढ़ करोड़ रुपया एक्साइज ड्यूटी के तौर पर हर माह जमा करना था। लेकिन कंपनी ने कोई पैसा जमा नहीं किया।
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ऐसे लगता है टैक्स
इस तरह की फैक्ट्री में जहां पर मशीनों से पैकेजिंग का काम होता है, वहां मशीन की क्षमता के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है और मशीन से उत्पादन बंद करना है या शुरू करना है तो सेंट्रल एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर की मौजूदगी अनिवार्य है। टीम में राजीव किशोर, संजय यादव, संजय आनंद, प्रदीप सचान, सुधीर कुमार, प्रणव कुमार, नरेंद्र सिंह, अखिल सोनी, शहनवाज आदि अधिकारी शामिल रहे।
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