क्षेत्रीय स्तर पर होगी यूपी-100 शिकायतों की निगरानी
- अभी तक लखनऊ स्तर पर होती रही है शिकायतों की समीक्षा
अश्वनी जौहरी
मेरठ। अपराध नियंत्रण की राह में यूपी-100 की व्यवस्था मील का पत्थर साबित हुई है। व्यवस्था और अधिक प्रभावी बने इसके लिए अब क्षेत्रीय स्तर पर यूपी-100 को मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा की योजना तैयार की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत सर्किल ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात यूपी-100 के जरिये पहुंच रही शिकायतों की निगरानी करेंगे।
19 नवंबर 2016 को यूपी-100 की व्यवस्था लागू की गई। 61 पीआरवी (चौपहिया) को जनपद की सुरक्षा का दायित्व मिला है। इनमें तीन रिजर्व रखी गई हैं। स्पॉट निर्धारित कर इन पीआरवी को जिम्मेदारी सौंप दी गई। मई 2018 में इस व्यवस्था का विस्तार हुआ। संकरी गलियों में अपराध से निपटने के लिए यूपी-100 के बेड़े में 30 टू-व्हीलर मोटरसाइकिल शामिल की गईं। वर्तमान में प्रभावी तरीके से यह व्यवस्था काम कर रही है। जनपद के 31 थानों में प्रतिदिन 400 से 450 शिकायतें इसके माध्यम से पहुंच रही हैं। जिनके निस्तारण का दायित्व थाने पर होता है। थाने शिकायत निस्तारण कर यूपी-100 कंट्रोल रूम को अवगत कराते हैं।
थाना स्तर पर शिकायत निस्तारण में मिल रहीं खामियां
यूपी-100 का मुख्य कार्य तत्काल घटनास्थल पर पहुंचना है। किसी भी विवाद की स्थिति में वह वादी और प्रतिवादी को थाने लाने का काम करती है। इसके बाद समस्या का निस्तारण करने का दायित्व थाने का हो जाता है। सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय में थाना स्तर पर शिकायत निस्तारण में लापरवाही सामने आई हैं। हालांकि लखनऊ स्तर पर इसका संज्ञान लिया गया, लेकिन व्यवस्था प्रभावित ना हो, इसी को देखते हुए अब क्षेत्रीय स्तर पर शिकायतों की समीक्षा या कहें तो निगरानी का निर्णय लिया गया है।
सर्किल अफसरों पर होगा शिकायतों की निगरानी का जिम्मा
यूपी-100 की व्यवस्था के अनुसार जब कोई कॉलर शिकायत करता है तो वह संबंधित थाने को भेज दी जाती है। शिकायत भेजने के बाद थाना उस पर काम करता है और इसकी रिपोर्ट लखनऊ हेडक्वार्टर को भिजवाता है। काफी ऐसी शिकायत मिलीं कि थाना स्तर पर शिकायत दर्ज नहीं हुई अथवा लापरवाही बरती गई। अब ऐसा नहीं होगा। थाने पर हर सप्ताह कितनी शिकायत पहुंचीं और निस्तारण हुआ, कितने मामले दर्ज हुए, इसका हिसाब-किताब खुद सर्किल अफसर रखेंगे। कॉलर से बात कर क्रास चेक भी किया जाएगा। शिकायत दर्ज न होने की स्थिति में थानेदार से जवाब-तलब भी किया जाएगा।
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वर्जन...
बढ़ाया गया दायरा
अपराध नियंत्रण में यूपी-100 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रिस्पांस टाइम में बड़ा बदलाव आया है। कोशिश यही है कि यूपी-100 की व्यवस्था पर प्रभावी ढंग से काम किया जाए। इसी के चलते क्षेत्रीय स्तर पर समीक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। -संजीव वाजपेई, नोडल अफसर, यूपी-100