मोदीनगर में कपड़ा मिल के मजदूरों पर फायरिंग
मोदीनगर। बंद पड़ी मोदी कपड़ा मिल का चोरी से स्क्रैप निकालने आए लोगों ने विरोध करने पर मजदूरों पर पथराव व गोलीबारी की। करीब 20 राउंड फायरिंग मेें एक महिला समेत 5 लोग घायल हो गए। गोली चलने की सूचना पर सीओ समेत एसपी ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। मजदूर यूनियन के नेताओं ने मिल प्रबंधकों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। गोली चलाने के आरोप में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
कोतवाली क्षेत्र में हाईवे स्थित मोदी स्पीनिंग एंड विविंग मिल की क्लोथ यूनिट ए मिल करीब ढाई दशक से बंद पड़ी है। मिल के 600 से अधिक मजदूर अपने पीएफ आदि के पैसे के भुगतान की मांग के लिए लंबे अरसे से संघर्षरत हैं। मजदूरों का आरोप है मिल में मौजूद करोड़ों की कीमत की मशीनरी को स्क्रैप के रूप मेें मिल प्रबंधन चोरी से बिकवाता आ रहे है। बुधवार को मजदूर दिवस के अवसर पर मिल के निकट मजदूर यूनियन के लोगों की बैठक हो रही थी। । इस बीच किसी ने जानकारी दी कि मिल प्रबंधन चोरी से मशीनरी निकालने के लिए मिल खुलवा रहा है। श्रमिक नेता व पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा के नेतृत्व में मजदूर आननफानन में मिल पहुंचे, लेकिन प्रबंधकों के साथ आए बाउंसरों ने उनको प्रवेश करने से रोक दिया, जिसे लेकर मजदूरों ने हंगामा कर दिया। जिस पर मिल प्रबंधकों के बाउंसरों ने श्रमिकों पर गोली चला दी। मजदूरों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बाउंसरों ने 20 राउंड से अधिक फायरिंग। जिसके चलते सड़क किनारे रहने वाली खानाबदोश महिला बिरमी उसकी पुत्री व श्रमिक नेता अब्बास अली के अलावा 5 लोगों को छर्रे लगे। इसके अलावा पथराव के चलते दो दर्जन लोग घायल हो गए। वारदात की जानकारी मिलने पर सीओ मौके पर पहुंचे और श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रबंधन पक्ष के 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है, जिनमें अशोक सिंघल, एनआर शर्मा, दिनेश जैन, योगेश मलिक और राहुल शामिल हैं।
पूर्व चेयरमैन भी हुए घायल, फटा कुर्ता
श्रमिकों पर गोली चलने के दौरान मौके पर मौजूद श्रमिक नेता व पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा भी पत्थर लगने से घायल हो गए। इसके अलावा भागदौड़ हंगामे के दौरान पूर्व चेयरमैन का कुर्ता भी फट गया। रामआसरे शर्मा का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग मिल मालिकों के साथ मिलकर षड्यंत्र करके मजदूरों का हक मारना चाहते हैं। मिल प्रबंधन के लोग पूर्व में चोरी से मिल की मशीनरी निकलवा चुके हैं। सिर्फ यही मिल ही नहीं बल्कि दूसरी बंद पड़ी ईकाईयों में भी मजदूरों की आंखों में धूल झोंककर चोरी की जाती रही है। पूर्व चेयरमैन ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।