- औषधि प्रशासन की टीम शुरू करेगी अभियान
- कोल्ड चेन में लापरवाही से प्रभावित होता है दवा का असर
- गर्मियों में ध्यान रखना होता है ज्यादा जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जीवन रक्षक दवाओं और वैक्सीन की कोल्ड चेन ही उसे असरदार बनाती है। इसके ब्रेक होते ही दवाएं प्रभावहीन हो जाती हैं। अब अगर दवाइयों की कोल्ड चेन (शीत श्रृंखला) में लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एफएसडीए की औषधि प्रशासन की टीम थोक-फुटकर स्टोरों पर जाकर जांच करेगी।
दरअसल, गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ दवा की दुकानों से जीवन रक्षक दवाओं और वैक्सीन की बिक्री बिना कोल्ड चेन रखे जाने की शिकायतों के बाद लगाम कसने की तैयारी है। फुटकर दुकानों से ऐसी दवाएं खरीदते समय कोल्ड चेन बनाए रखने की पड़ताल जरूर कर लेनी चाहिए। चिकित्सक भी मानते हैं कि इंसुलिन वैक्सीन या जीवन रक्षक दवा रेफ्रिजरेटर आदि में रखकर न बेची जाएं तो कोल्ड चेन टूटने से यह इस्तेमाल में आने पर बेअसर साबित होती हैं। रेफ्रिजरेटर का तापमान प्लस दो डिग्री सेंटीग्रेड रहता है, जिससे टीकों का भंडारण किया जाता है। इसके अलावा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए ठंडे होने के बाद आईपैक्स टीका कैरियर को ठंडा रखने के लिए उसकी दीवारों पर लगाने में काम लिया जाता है। यह प्लास्टिक की चपटी बोतलें होती हैं, जिनमें पानी भरा रहता है। प्लस टू से कम और प्लस आठ से ज्यादा तापमान नहीं होना चाहिए।
ड्रग लाइसेंस किया जा सकता है निलंबित
इसका उद्देश्य प्रभावहीन दवाओं की बिक्री रोकना है। मुख्य तौर पर इनमें कोल्ड चेन बनाए रखने को तय तापमान में रखी जाने वाली जीवन रक्षक दवाएं, इंसुलिन, एंटीबायोटिक और आईड्रॉप के रखरखाव में लापरवाही मिलेगी, उनका ड्रग लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है।
उपभोक्ता दुकान से दवा की रसीद लें
उपभोक्ता को दुकान से खरीदी दवा की रसीद जरूर लेनी चाहिए। असल में इस ओर उपभोक्ता ध्यान नहीं देते। ऐसा में उन्हें जानकारी ही नहीं होती है कि दवा में गड़बड़ी पर यही रसीद कार्रवाई का पुख्ता हथियार बनती है।
निश्चित तापमान में रखनी चाहिए दवाएं
दवाओं को निश्चित तापमान में रखा जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में भी औषधि भंडार की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी से केमिकल रिएक्शन होता है। इससे दवाओं का असर कम हो जाता है। सूरज की रोशनी भी दवाओं पर नहीं पड़नी चाहिए। -डॉ. राजकुमार, सीएमओ
परखा जाएगा कोल्ड चेन सिस्टम
दवा की दुकानों पर बेची जाने वाली दवाओं के रखरखाव में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहरी और ग्रामीण इलाकों में सभी थोक फुटकर दवा दुकानों पर रखरखाव और बिक्री मानकों की जांच कर कोल्ड चेन बनाए रखने के सिस्टम को परखा जाएगा। -पवन शाक्य, ड्रग्स इंस्पेक्टर, एफएसडीए