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गन्ने की अस्वीकृत प्रजाति बुआई पर अधिकारियों की खैर नहीं

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- गन्ना आयुक्त ने बसंत कालीन गन्ने की बुआई में अस्वीकृत प्रजाति की बुवाई पर रोक लगाने के दिए निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने अस्वीकृत गन्ना प्रजाति उगाकर अपना और शुगर इंडस्ट्री को नुकसान पहुुंच रहे किसानों से स्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने की अपील की है। गन्ना आयुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिला गन्ना अधिकारी अपने क्षेत्र में अस्वीकृत गन्ने के क्षेत्रफल को स्वीकृत प्रजाति गन्ने से विस्थापित कर किसानों और शुगर इंडस्ट्री को लाभ पहुंचाने का काम करें। इस काम में फेल होने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने किसानों और शुगर इंडस्ट्री के लिए कम मुफीद गन्ना प्रजातियों को अस्वीकृत प्रजातियों की सूची में डाल रखा है। इसके बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों के किसान जागरूकता की कमी के चलते आज भी अस्वीकृत प्रजातियों की बुवाई कर रहे हैं। इससे न केवल किसानों को कम उत्पादन के चलते नुकसान उठाना पड़ता है बल्कि शुगर इंडस्ट्री को कम चीनी रिकवरी से नुकसान झेलना पड़ता है। इसे रोकने के लिए शासन कड़े कदम उठा रहा है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने अस्वीकृत प्रजाति गन्ने की बुवाई बंद कराते हुए स्वीकृत प्रजाति गन्ने की बुवाई कराने के निर्देश दिए हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने बताया कि इसके लिए जिला गन्ना अधिकारियों, गन्ना विकास परिषद् और चीनी मिलों को विकास कार्यक्रम बनाकर काम करने को कहा गया है। उक्त कार्ययोजना की तैयारी और क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिला गन्ना अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इस संबंध में स्थानीय गन्ना शोध के वैज्ञानिक भी सहयोग करेंगे। इसकी समीक्षा मुख्यालय स्तर पर होनी है। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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