मेरठ। दिल्ली रोड पर मेवला फ्लाईओवर के नीचे बने माधुरी भवन पर मंगलवार को एमडीए की टीम बुलडोजर लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने पहुंची। टीम ने भवन के बाहरी हिस्से को गिराया भी। लेकिन व्यापारियों के भारी विरोध के कारण टीम वापस लौट गयी।
यहां माधुरी भवन नाम से विवाह मंडप संचालित है। इस मंडप का आज तक एमडीए ने मानचित्र स्वीकृत नहीं किया है। इसका कारण आवासीय जमीन का भू उपयोग परिवर्तन होना बताया जा रहा है। मंडप मालिक भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वह इस भवन को आवासीय में ही मानचित्र स्वीकृत करने की बात एमडीए से कह चुके हैं। लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को एमडीए के जोनल प्रभारी डीसी तोमर टीम के साथ माधुरी भवन पहुंचे और मंडप के बाहरी गेट से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
इस ध्वस्तीकरण की सूचना पर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, उपाध्यक्ष दलजीत सिंह, मंत्री गौरव शर्मा, विजय आनंद अग्रवाल, पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश चंद जैन, विपुल सिंघल, देवेंद्र गोयल आदि बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंचे। इन सभी ने एमडीए टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। जिस पर एमडीए टीम को कार्रवाई रोकनी पड़ी और विरोध बढ़ता देख टीम वापस लौट गयी।