पुराना यमुना पुल से उतरा पानी, रेल यातायात सामान्य
मेरठ। शाहदरा स्थित पुराना यमुना पुल पर पानी आ जाने से डायवर्जन कर चलाई जा रही ट्रेनों को जल स्तर कम होते ही सामान्य कर दिया गया। बुधवार को सभी प्रभावित ट्रेनें अपने नियत रूट से संचालित की गई। रद्द चल रही ट्रेनों को भी बहाल कर दिया गया। ट्रेनों के सामान्य होने से यात्रियों को भी राहत मिली है।
बारिश और हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। शाहदरा स्थित यमुना के ऊपर बने रेलवे के लोहे के पुल पर भी पानी आने से रेलवे ने ट्रेनों का संचालन यहां से बंद कर रूट डायवर्जन कर दिया था। इससे कुछ ट्रेन रद्द हो गई थी तो करीब चार दर्जन ट्रेन दूसरे रूटों और स्टेशनों से चलाई जा रही थी। यमुना का जल स्तर कम होते ही रेलवे ने पुल को चालू कर दिया। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से वाया मेरठ चलने वाली ट्रेन बुधवार को अपने नियत रूट से पहुंची। सभी ट्रेनों के सामान्य होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली। स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि यमुना का पुल चालू होने से रेल यातायात अब सामान्य हो गया है। रद्द की गई दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी एक्सप्रेेस भी बहाल हो गई।
सात घंटे लेट पहुंची संगम एक्सप्रेस
संगम और नौचंदी एक्सप्रेस की चाल नहीं सुधर पा रही है। बुधवार को संगम एक्सप्रेस सात घंटे की देरी से दोपहर करीब एक बजे पहुंची। वहीं नौचंदी एक्सप्रेस पांच घंटे की देरी से दोपहर करीब एक बजे पहुंची। राज्यरानी एक्सप्रेस दो घंटे देरी से पहुंची। इसके अलावा शालीमार एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस आदि एक से डेढ़ घंटे देरी से पहुंची।
चलते ही सुपर एक्सप्रेस दो घंटे लेट
दस महीने में चालू हुई सुपर एक्सप्रेस पहले दिन ही दोनों तरफ से लेट पहुंची। जालंधर से दिल्ली जाने वाली यह ट्रेन आधा घंटे की देरी से पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे पहुंची। जबकि दिल्ली से जालंधर जाने वाली यह ट्रेन शाम चार बजे की बजाय दो घंटे की देरी से शाम छह बजे पहुंची। इस ट्रेन को रेलवे ने नया रैक और मजबूत व खूबसूरत कोच दिए हैं। ट्रेन के चलने से यात्रियों को काफी राहत मिली है।
खास बातें:
- लोहे के पुल पर पानी आने से बंद कर दिया था शाहदरा स्थित लोहे का पुल
- ट्रेनों का रूट डायवर्जन कर किया जा रहा था संचालन, रूट सामान्य होने से यात्रियों को मिली राहत