मेरठ। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने गन्ना समिति मवाना के चेयरमैन विनोद कुमार और गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वेदराम को पद से हटाने की संस्तुति की है। वहीं, 10 दिनों का समय स्पष्टीकरण के लिए दिया है। गन्ना आपूर्ति नीति के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए फर्जी तरीके से पर्ची निकालने के आरोप में लिए गए इस फैसले से गन्ना विभाग में हड़कंप मचा है।
गन्ना आपूर्ति नीति के प्रावधानों में 20 फीसदी पर्ची समिति के कर्जदार किसानों को जारी की जाती है ताकि समिति अपना कर्जा किसानों से वसूल कर सके। इस नियम का दुरुपयोग करते हुए मवाना गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद कुमार ने पुराना कर्जा न होते हुए भी अपने पुत्र श्रीकांत कुमार के नाम पर 7 पर्ची जारी कराई। वहीं गन्ना विकास परिषद चेयरमैन वेदराम ने भी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए समिति का पुराना कर्जा न होते हुए 7 पर्ची अपने नाम पर और एक पर्ची अपने पुत्र रघुराज के नाम पर जारी कराई।
इस पूरे मामले की जांच कर रही गाजियाबाद की जिला गन्ना अधिकारी डॉ. नमिता कश्यप की जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध हो गए। जांच दल की आख्या का संज्ञान लेते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने विनोद कुमार और वेदराम को पद से हटाने की संस्तुति कर दी।
खास बातें:
- गन्ना आपूर्ति नीति के प्रावधानों का उल्लंघन कर फर्जी तरीके से पर्ची निकलवाने का था आरोप