मेरठ। एक साल पहले मेरठ कॉलेज में फर्जी मार्कशीट पर 500 के करीब दाखिले लेने के छात्र नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप शनिवार को सच साबित हो गए हैं।
मेरठ कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता विनय कुमार ने बताया कि बीकॉम प्रथम वर्ष में 13 एडमिशन फर्जी मार्कशीट वाले पकड़े गए हैं। पूर्व प्राचार्य बी. कुमार के कार्यकाल में हुए इन फर्जी एडमिशन से यूनिवर्सिटी की साख पर बट्टा लग गया है। यूनिवर्सिटी का दावा था कि ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद फर्जी एडमिशन पर रोक लग जाएगी। लेकिन पूरा प्रकरण सामने आने के बाद इस बार हो रहे एडमिशन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ा सवाल ये है कि शिकायत के बाद भी पूर्व प्राचार्य ने आखिर इन दाखिलों की जांच क्यों नहीं कराई।
मेरठ कॉलेज में पूर्व प्राचार्य बी. कुमार को हटाने का मामला जहां विवाद बना हुआ है। वहीं, शनिवार को कॉलेज में पिछले साल के एडमिशन की जांच कराए जाने पर बड़ा गड़बड़झाला सामने आ गया। बीकॉम प्रथम वर्ष में 13 एडमिशन फर्जी मार्कशीट पर पकड़े गए हैं। पूरे मामले में 500 एडमिशन फर्जी मार्कशीट पर लिए जाने की बात सामने आ रही है। सोमवार को दूसरे फार्मों की भी जांच कराई जाएगी।
कॉलेज के अवैतनिक मंत्री अरविंद नाथ सेठ से इस मामले में मैनेजमेंट के सदस्यों ने भी शिकायत की थी। जिसके बाद पिछले साल के फार्मों की जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। अब इस मामले में पूर्व प्राचार्य बी. कुमार से मैनेजमेंट जवाब मांगने की तैयारी में है। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है कि आखिर शिकायत होने पर भी उन्होंने जांच कराकर फर्जी एडमिशन कैंसिल क्यों नहीं कराए थे। फर्जी एडमिशन को कैंसिल कराकर इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने की थी शिकायत
मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ चौधरी ने पिछले साल फर्जी एडमिशन को लेकर तीन दिन तक प्रदर्शन किया था। उन्होंने प्राचार्य बी. कुमार से एक हजार एडमिशन के फर्जी दस्तावेजों पर लिए जाने की बात कही थी। सौरभ चौधरी बताते हैं कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा पुलिस बुलाकर ये कह दिया गया कि छात्र नेता यहां पढ़ाई नहीं होने दे रहे। सौरभ चौधरी बताते हैं कि ये तो सिर्फ 13 एडमिशन पकड़े गए हैं। सबकी जांच हो तो एक हजार से ज्यादा फर्जी एडमिशन मिलेंगे। इस बार भी प्रमाण पत्रों की ठीक से चेकिंग हो नहीं तो फिर से फर्जी दाखिले हो जाएंगे।
ये चल रहा है विवाद
परीक्षा में गलत पेपर बांटे जाने, एक छात्र द्वारा खुलेआम नकल करते पकड़े जाने पर भी कार्रवाई नहीं करने के मामले में मैनेजमेंट ने छह अप्रैल को आपात बैठक बुलाकर बी. कुमार को लापरवाही बरतने के आरोप में प्राचार्य पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह डॉ. युद्धवीर सिंह कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किए गए थे। बी. कुमार ने कुलपति से मैनेजमेंट की शिकायत कर दी थी। लेकिन उसके बाद उन्होंने शिकायत को वापस ले लिया था। मगर इसके बाद कुलपति ने मैनेजमेंट के आदेश को गलत बताया था। जिसके बाद मैनेजमेंट कोर्ट गया। वहां से राहत नहीं मिली। उधर, इस मामले में फ्रेंड्स ऑफ मेरठ कॉलेज की तरफ से विवेक गर्ग का कहना है कि बी. कुमार को मैनेजमेंट द्वारा गलत हटाया गया। मेरठ कॉलेज की इससे छवि खराब हुई है। कॉलेज के मंत्री अरविंद नाथ सेठ को इस्तीफा देना चाहिए।
खास बातें:
मेरठ कॉलेज में एक साल पहले छात्र नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप सच साबित
- यूनिवर्सिटी की साख पर उठे सवाल, शनिवार को 13 प्रवेश आए फर्जी मार्कशीट पर सामने
- फर्जी मार्कशीट के प्रवेश की छात्रों ने की थी पूर्व प्राचार्य से शिकायत, नहीं हुई थी कार्रवाई