मेरठ। सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान की तर्ज पर रोड सेफ्टी चैलेंज को मजबूती से चलाया जाएगा। शासन ने भी इसकी रिपोर्ट मांगी है।
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने मई माह में स्कूल, कॉलेजों में यातायात जागरूकता अभियान चलाया था। ट्रैफिक पुलिस की ई-कार्ट वैन से भी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से फोटो और पिक्चर दिखाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया गया। सड़क सुरक्षा अभियान की तरह ही रोड सेफ्टी चैलेंज पर भी काम किया जा रहा है। पिछले तीन माह में सड़क हादसों में कमी आयी है। इसमें और सुधार किया जाएगा। हेलमेट अभियान पर पुलिस को मजबूती मिली है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा दस पेज की रिपोर्ट तैयार की गई है। अलग अलग स्थानों के 250 से अधिक फोटो ट्वीटर के माध्यम से उच्चाधिकारियों और शासन को भेजे गए हैं। इस साल स्कूलों में 150 कार्यक्रम कर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों की जानकारी दी।
रोजाना सड़कों पर जाती है जान
एसपी ट्रैफिक के अनुसार साल 2017 में जिले में 1040 सड़क हादसों में 417 लोगों की मौत हुई और 808 लोग घायल हुए। बिना हेलमेट और ओवरस्पीड हादसे के प्रमुख कारण माने गए। परतापुर, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम और दौराला क्षेत्र हाइवे डेंजर प्वाइंट माने गए।
खास बातें:
सड़क हादसों से बचाव के लिए फिर से चलेगा अभियान, शासन ने मांगी रिपोर्ट