मेरठ। नकली रोडवेज बस संचालकों ने मंगलवार को आरटीओ प्रवर्तन टीम को खूब छकाया। बस पकड़ने की तलाश में खड़ी टीम की सूचना मिलने पर संचालकों ने बसों को रोक दिया और टीम के सड़क से हटते ही संचालन शुरू कर दिया। इस दौरान टीम ने छह डग्गामार जीप पकड़कर सीज कर अभियान पूरा कर दिया।
योगी सरकार में भी नकली रोडवेज बसों का संचालन जारी है। हालांकि परिवहन राज्यमंत्री की नजर में प्रदेश में कहीं भी डग्गामारी नहीं हो रही है। लेकिन मीडिया के कैमरों में नकली रोडवेज बसें रोजाना कैद हो रही हैं। शहर के लोग भी इन बसों में सफर कर रहे हैं। आरटीओ प्रवर्तन टीमों ने भी दर्जनों बसों को पकड़कर बंद किया है। लेकिन परिवहन राज्यमंत्री की हरी झंडी के बाद डग्गामारों के हौसले बुलंद हो गए है।
मंगलवार को आरटीओ प्रवर्तन और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इसकी सूचना मिलने पर संचालकों ने बसों का संचालन रोक दिया। टीम बसों की बाट जोहती रही। लेकिन उस दौरान कोई बस नहीं चली। घंटो इंतजार करने के बाद एआरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार टीम के साथ लौटे तो शाम को फिर से बसों का संचालन शुरू हो गया। हालांकि इस दौरान दिनेश कुमार ने डग्गामार छह जीपों को मेडिकल थाने में सीज किया। आरटीओ प्रवर्तन ओपी सिंह ने बताया कि डग्गामार बसों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। जो बसें मिलती हैं उसे बंद किया जाता है। अब तक ऐसी कई बसें चलती मिली हैं जो पहले दो से तीन बार सीज की जा चुकी हैं।