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चेतावाला पुल के लेट होने के साथ लागत बढ़ने की उम्मीद

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चेतावाला गंगा पुल निर्माण पर वन विभाग का अड़ंगा
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मेरठ।
हस्तिनापुर के चेतावाला में गंगा पर पुल के निर्माण को वन विभाग का अड़ंगा शुरू नहीं होने दे रहा है। अहम बात ये है कि जहां से यह पुल निर्माण शुरू होना है, वहां इस समय सूखा है। ऐसे में यदि अभी काम शुरू नहीं हुआ तो सेतु निर्माण इकाई को आने वाले समय में बहुत परेशानी उठानी पड़ेगी। जबकि सेतु निगम लगातार वन विभाग को न केवल पत्र लिख रहा है, बल्कि उसकी शर्तों को भी पूरा करने की बात कर रहा है।
चेतावाला के पास गंगा के ऊपर निर्माणाधीन पुल हस्तिनापुर क्षेत्र की महत्वाकांक्षी विकास योजना है। बसपा सरकार में इस पुल की घोषणा हुई थी, लेकिन कुछ पिलर खड़े होने के बाद काम रुक गया। भाजपा सरकार आने के बाद क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक ने इस दिशा में प्रयास किया और पुल निर्माण के लिए 32,78,88,000 रुपये की धनराशि स्वीकृत कराने के साथ करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि जारी भी करा दी।
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लेकिन पुल निर्माण में सबसे बड़ा अड़ंगा वन विभाग की एनओसी का बना हुआ है। जहां पर पुल निर्माण होना है, वह क्षेत्र सेंक्चुरी क्षेत्र में आता है। ऐसे में वन विभाग ने छह बिंदुओं पर सशर्त एनओसी जारी करने की बात कही। जिसका पालन करते हुए सेतु निर्माण इकाई ने जहां वन विभाग के खाते में 1,63,94,400 रुपये जमा करा दिये। वहीं अन्य शर्तों को भी समय के साथ पूरा करने का आश्वासन दिया।

ये हैं बाकी की शर्तों का जवाब
सेतु निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक जेपी राना ने प्रभागीय निदेशक को लिखे पत्र में बताया कि वह पहली शर्त के अनुसार कुल स्वीकृत लागत का पांच प्रतिशत वन विभाग के खाते में 4 अप्रैल को जमा करा चुके हैं। बाकी की शर्त में पुल निर्माण क्षेत्र में चेक पोस्ट या चौकी निर्माण का काम सेतु निर्माण शुरू होने के साथ शुरू कर दिया जाएगा। जबकि वन्य जीवन के विपरीत गतिविधियों को रोकने के लिए आउटसोर्सिंग से अस्थायी कर्मचारी और श्रमिक रखे जाएंगे, जिनका भुगतान प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी उपलब्ध कराने की शर्त रखी थी, जिससे कि हस्तिनापुर वन्य जीव विहार क्षेत्र में भ्रमण किया जा सके। इसके लिए सेतु निर्माण इकाई ने कहा है कि वन विभाग इस वाहन को किराये पर रख ले, जिसका भुगतान सेतु निर्माण इकाई प्रतिमाह करेगा। बाकी अन्य शर्तों पर भी सेतु निर्माण इकाई पहले ही स्वीकृति पत्र दे चुका है।

काम शुरू न हुआ तो ये आएगी दिक्कत
इन दिनों गंगा का बहाव दूसरी तरफ है और जहां से पुल निर्माण शुरू होगा, वहां पर सूखा है। ऐसे में पुल निर्माण की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी तो दो माह में काम पूरा हो जाएगा। लेकिन दो माह बाद पानी का बहाव इसी ओर हो जाएगा, जिससे पुल निर्माण का काम गहरे और तेज बहाव के पानी में करना होगा। इसके लिए सेतु निर्माण इकाई को अस्थाई पाईल स्टील ब्रिज बनाना पड़ सकता है, जिसके लिए दो से तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी।
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वन विभाग से एनओसी मिलने की उम्मीद में धीमी गति से काम शुरू कर दिया है। अभी यहां पर मिट्टी डालने का काम शुरू हुआ है और कुछ निर्माण सामग्री भी आई है। यदि शीघ्र एनओसी नहीं मिली तो पुल निर्माण में दिक्कत आएगी। जेपी राना, परियोजना प्रबंधक सेतु निर्माण इकाई
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