बिजली कर्मियों के आंदोलन को मिला भाकियू का साथ
मेरठ। पांच शहरों की बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मियों के आंदोलन को भाकियू का भी समर्थन मिल गया है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बिजली के निजीकरण का कड़ा विरोध करते हुए आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का एलान किया है। उन्होंने आंदोलन में भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ खुद भी पहुंचने की बात कही है।
प्रदेश सरकार ने मेरठ समेत पांच शहरों की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति पिछले एक पखवाड़े से लगातार दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर आंदोलन कर रही है। अब इस आंदोलन को भाकियू ने भी अपना समर्थन देने का एलान कर दिया है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि उनके पास समिति पदाधिकारियों ने फोन कर मामले से अवगत कराया था। कर्मचारियों का आंदोलन जायज है। सरकारी धन से सुदृढ़ की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपना सरकार की पूंजीवादी नीतियों की सोच को उजागर करता है। भाकियू कार्यकर्ता आंदोलन में शरीक होंगे। वे भी किसी दिन धरने में पहुंचेंगे।
आज होगा सरकार का बुद्धि-शुद्धि यज्ञ
बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रवक्ता दिलमणी प्रसाद थपलियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को कर्मचारी सरकार की बुद्धि-शुद्धि यज्ञ करेंगे। शाम तीन बजे सभी कर्मचारी ऊर्जा भवन पर इकट्ठा होंगे। किसी भी कीमत पर शहरों की बिजली का निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छह को बाइक रैली, आठ को मशाल जुलूस
दिलमणी प्रसाद थपलियाल ने बताया कि छह अप्रैल को कर्मचारी बाइक रैली निकालेंगे और आठ अप्रैल को मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
खास बातें:
बिजली के निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों का साथ देगी भाकियू
ऊर्जा भवन पर होने वाले तीन दिन तक आंदोलन में शिरकत करेंगे चौधरी राकेश टिकैत
आज सरकार की बुद्धि-शुद्धि यज्ञ करेेंगे कर्मचारी