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पुलिस विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन

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आनलाइन फ्रॉड से रहें सचेत
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अमर उजाला ब्यूरो
फोटो
गंगानगर/मेरठ। आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गंगानगर में शनिवार को पुलिस विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मेरठ रेंज के पुलिस अधिकारियों व सामाजिक लोगों ने भाग लिया। एक दिवसीय कार्यशाला में प्रथम सत्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 का संशोधन 2015 पर चर्चा की गई। वहीं दूसरे सत्र में साइबर क्राइम को लेकर मुख्य रूप से चर्चा की गई। साइबर एक्सपर्ट ने ऑनलाइन फ्राड से बचने के तरीके बताए।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी क्राइम शिवराम यादव व एसपी देहात राजेश कुमार ने किया। रमेश चंद शर्मा रिटायर्ड संयुक्त निदेशक अभियोजन और जितेंद्र देव मिश्रा ने भी जानकारी दी। अधिकारियों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 का संशोधन 2015 पर बोलते हुए कहा कि संशोधन में काफी बदलाव किए गए हैं। कार्यशाला में अन्य अधिकारियों ने संशोधित अधिनियम 2015 के अंतर्गत होने वाले अपराधों की श्रेणी उसमें लागू धारा के बारे में विस्तार से चर्चा की। कुछ उदाहरणों के माध्यम से सामूहिक, एकल अपराध सहित सामाजिक न्याय व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। एएसपी अंकित मित्तल, सीओ सदर देहात राम अर्ज ने साइबर अपराध के बारे में बताया। जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड, एटीएम फ्रॉड, पीओएस आदि की जानकारी दी गई। एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सचेत रहे। किसी भी अनजान व्यक्ति को न मोबाइल दें और ही एटीएम का पासवर्ड बताएं। इस दौरान बुलंदशहर, बागपत, मेरठ, नोएडा, हापुड़ व गाजियाबाद के सीओ, इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी रहे। मेरठ जोन की यह कार्यशाला आईजी रेंज के निर्देश पर की गई थी। जिसके लिए डीजीपी की तरफ से निर्देश दिए गए थे।
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दिल्ली से भी आए साइबर एक्सपर्ट
दिल्ली से आए साइबर एक्सपर्ट इशांत सिंहा ने एटीएम फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अगर आपके धोखा देकर आपके एटीएम कार्ड से पैसा निकाल लिया जाता है। तो सबसे पहले बैंक जाकर पासबुक अपडेट करायें। अपडेट में प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के जरिये पैसे ट्रांसफर या क्रेडिट होने का स्थान पता चल सकेगा। उसके बाद संबंधित थाने में जाकर पुलिस को जानकारी दें। स्टेट बैंक के एजीएम ने ऑनलाइन लेनदेन के समय बैंक से जुड़े कार्यों के बारे में जानकारी दी। वहीं अन्य अधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी से बचने के तरीके, सुरक्षा व धोखाधड़ी होने जाने के समय के बारे में जानकारी दी।

एटीएम से पैसा निकालते समय ये बरतें सावधानी
अगर आप एटीएम में पैसा निकालने जाते हैं और एटीएम केबिन के अंदर कोई व्यक्ति अनावश्यक खड़ा है तो यह आपका अधिकार है कि आप उसे बाहर भेज सकते हैं। कुछ शक होने पर सबसे पहले एटीएम बटन व उस पर लगी अनावश्यक वस्तु की पहले जांच कर लें। वहीं कार्ड स्वेप करते समय कार्ड स्वेप बॉक्स को एक बार छूकर देख लें की वह एटीएम से लूज या अलग तो नहीं है। केबिन की छत पर सीसीटीवी कैमरे के अलावा कोई कैमरा लगा होने की भी जांच कर लें।
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झारखंड के अधिकारियों से भी संपर्क
एसपी क्राइम ने बताया कि ऑनलाइन ठगी में सामने आया कि ज्यादातर आरोपी झारखंड के हैं। झारखंड में डीजीपी के निर्देश पर वहां भी अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में मेरठ पुलिस वहां के पुलिस अफसरों के सपंर्क में है। ठगी में जो भी सूचना झारखंड से संबंधित हैं वहां उसकी जांच कराकर पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है।

खास बात
आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति व साइबर क्राइम पर हुई कार्यशाला
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