मेरठ। नगर निगम की सीमा में आने वाले सभी पेट्रोल पंपों के शौचालय सार्वजनिक घोषित कर दिए गए हैं। पेट्रोल पंप संचालक या कर्मचारी आम जनता को शौचालय प्रयोग करने से मना नहीं कर सकेंगे। यही नहीं, शौचालय पर पानी और स्वच्छता की जिम्मेदारी भी पंप संचालकों की होगी। सभी पंपों पर सार्वजनिक शौचालय संबंधी सूचना पट लगाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो नगर निगम जिला प्रशासन के सहयोग से पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
स्वच्छता में रेटिंग बढ़ाने के लिए कदम
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की स्वच्छता जांचने के लिए केंद्र सरकार की टीम आगामी जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में मेरठ पहुंचने वाली है। जो शहर में स्वच्छता को मानकों की जांच करेगी। इसमें जहां नाले और शहर की सफाई देखी जाएगी, वहीं शौचालयों की स्थिति देखी जाएगी। उसी के आधार पर मेरठ को स्वच्छता के अंक मिलेंगे।
सभी पेट्रोल पंपों पर होगा आदेश लागू
नगर निगम प्रशासन भले ही शहर के उपयुक्त भवनों में शौचालय नहीं बनवा पाया। लेकिन उनकी पूर्ति करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने निगम की सीमा में आने वाले सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर शिकंजा कस दिया है। यानी पेट्रोल पंपों पर बने शौचालय पंप कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी खोले जाएंगे। इसके लिए प्रभारी नगरायुक्त ने सभी पंप संचालकों को आदेश जारी कर दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक शौचालय के सूचना पट लगवाएं।
अंक दिलाएंगे विकास का धन
स्वच्छता में अच्छे अंक आने पर ही महानगर के विकास को सरकार धन देगी। इसमें चाहे स्वच्छ भारत मिशन हो या फिर अमृत और नमामी गंगे योजना। सरकार विभागों की कार्य प्रणाली के आधार पर ही धन जारी करेगी।
खास बात
- पेट्रोल पंप संचालकों को सूचना पट लगाने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम
- आदेश का पालन नहीं हुआ तो नगर निगम करेगा कार्रवाई