मेरठ। इस बार नगर निकायों में महिलाओं का बहुमत होगा। जनपद की 16 नगर निकायों में से 9 की बागडोर महिलाओं के हाथ में होगी। फिलहाल इनके चुनाव की कमान पूरी तरह से पतियों के हाथ में हैं। महिला प्रत्याशियों के पतियों ने ही चुनाव की कमान पूरी तरह संभाल रखी है।
जनपद में एक नगर निगम, दो नगर पालिका और 13 नगर पंचायत हैं। इनमें से मेरठ नगर निगम का महापौर पद, सरधना नगर पालिका का अध्यक्ष पद, नगर पंचायतों में लावड़, सिवालखास, दौराला, किठौर, शाहजहांपुर, हर्रा और खिवाई के अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित इन नगर निकायों के महापौर और अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने के लिए महिलाओं के बीच खासी होड़ है। इन नगर निकायों में गौर करें तो नामांकन पत्रों की जांच के बाद 124 महिलाएं मैदान में हैं। इनमें नगर निगम के महापौर पद पर 8, नगर पालिका सरधना में अध्यक्ष पद पर 12 महिलाएं मैदान में है। जबकि नगर पंचायतों की यदि बात करें तो अध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा दौराला में 23, शाहजहांपुर में 19, खिवाई और सिवालखास में 15-15, हर्रा में 13, किठौर में 10 और लावड़ में 9 महिला प्रत्याशी मैदान में है।
पतियों ने संभाली हुई है कमान
इन नगर पंचायतों में शाहजहांपुर, खिवाई, सिवालखास, हर्रा, किठौर पूरी तरह मुस्लिम बहुल नगर पंचायत हैं, जबकि लावड़ और दौराला मिश्रित आबादी वाली हैं तो नगर पालिका सरधना और नगर निगम मेरठ मिश्रित आबादी की हैं। इन सभी निकायों में चुनाव की पूरी कमान इनके पतियों ने संभाल रखी है। नामांकन की व्यवस्था से लेकर अब आने वाले दिनों में प्रचार की तैयारी में महिलाओं के पति जुट गए हैं।
मुस्लिम प्रत्याशियों के पति करेंगे प्रचार
मुस्लिम महिला प्रत्याशियों के नामांकन के बाद अब प्रचार की पूरी कमान उनके पतियों के हाथ में होगी। ये महिला प्रत्याशी प्रचार में मुश्किल ही नजर आएंगी। यहां तक कि प्रचार में लगने वाले बैनर, होर्डिंग और पोस्टर आदि पर भी महिला प्रत्याशियों के सिर्फ नाम होंगे और फोटो पतियों की होगी।
जीत के बाद कैसे चलाएंगी बोर्ड
जिन नगर पंचायतों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित हुई हैं, उनके बड़ा सवाल चुनाव बाद गठित बोर्ड के संचालन को लेकर उठना शुरू हो गया है। नगर पंचायतों का बुद्धिजीवी वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि जब प्रचार से ये महिला प्रत्याशी दूर हैं तो नगर निकाय के निर्वाचित बोर्ड की बैठक को ये कैसे संचालित करेंगी।