मेरठ। सेंट्रल मार्केट स्थित भूखंड संख्या 661/6 की तर्ज पर ही भू उपयोग बदलकर हुए व्यावसायिक निर्माणों पर आवास विकास कार्रवाई के लिए तैयार हो गया है। शनिवार को आवास विकास की टीम ने सेंट्रल मार्केट में ऐसे प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कर दिए। 15 दिन का समय खत्म होने के बाद जहां विनोद अरोड़ा के कांप्लेक्स 661/6 की 12 दुकानों को सील किया जाएगा, वहीं इस मार्केट के अन्य 34 प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने की पूरी तैयारी है।
यह है मामला
सेंट्रल मार्किट स्थित भूखंड संख्या 661/6 पर बनीं बीस दुकानों का विवाद हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन था। शास्त्रीनगर के सेक्टर छह स्थित इस भवन को वर्ष 1986 में काजीपुर निवासी वीर सिंह के नाम मात्र दो लाख 95 हजार 795 रुपये में आवंटित किया गया था। यह आवासीय था। लेकिन बाद में इसे पावर ऑफ अटार्नी के जरिये स्थानीय निवासी विनोद अरोड़ा ने खरीद लिया और कांप्लेक्स खड़ा कर दिया। मामला हाईकोर्ट गया तो वहां आवास विकास अधिकारियों ने पक्ष रखा कि पुलिस सहयोग न मिलने से यह ध्वस्तीकरण नहीं हो पाया। ऐसे में हाईकोर्ट ने इसे ध्वस्त करने का आदेश दे दिया। भारी विरोध हुआ और ध्वस्तीकरण नहीं हो पाया। उधर, इस कांप्लेक्स के दो दुकानदारों राजेन्द्र बड़जात्या और संदीप को दिसंबर 2014 को सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया। इसी आड़ में सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई रोक दी गई। इसी दौरान जांच में आया कि इस मार्केट के अलावा इसी तरह की सौ से ज्यादा दुकानें, 32 बैंक, सौ से ज्यादा नर्सिंग होम ऐसे बन गए हैँ जिनका भू उपयोग आवासीय है।
मूल आवंटी की हो चुकी है मौत
इस प्रकरण में आवास विकास ने मूल आवंटी वीर सिंह पर मुकदमा भी दर्ज किया। वीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है और वास्तव में लंबे समय से इस पर विनोद अरोड़ा ही काबिज है। हालांकि वर्ष 2014 में जब यह मुकदमा हुआ था, जब मूल आवंटी ने कहा था कि उनकी तरफ से यह मार्केट ध्वस्त कर दिया जाए। उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं है।
अब फिर से हाईकोर्ट ने दिया फरमान
इस प्रकरण में शास्त्रीनगर निवासी राहुल राणा ने हाईकोर्ट का सहारा लिया। कहा कि आवास विकास अधिकारियों ने मात्र दो दुकानाें पर स्टे होने की आड़ में पूरे सेंट्रल मार्केट को संरक्षण दे दिया। इस पर अदालत ने सभी ऐसे प्रतिष्ठानों पर एक्शन करने का आदेश दिया है।
46 नोटिस हुए चस्पा
शनिवार को आवास विकास अधिकारियों ने 46 प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कर दिए। खंड आठ के अधिशासी अभियंता दीप गुप्ता के मुताबिक विनोद अरोड़ा के कांप्लेक्स में दो दुकानों पर स्टे हैं। ऐसे में तत्काल बाकी 12 दुकानों को तोड़ा नहीं जाएगा। इससे स्टे वाली दो दुकानों को भी नुकसान हो सकता है। ऐसे में पहले 12 दुकानों को सील किया जाएगा। बाकी 34 प्रतिष्ठानों पर ध्वस्तीकरण का नोटिस लगाया गया है। कुल 46 नोटिस चस्प किए गए हैं।
विधायक से मिले व्यापारी
इस बाबत व्यापारी विनोद अरोड़ा, किशोर वाधवा आदि पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और विधायक सोमेन्द्र तोमर से मिले। उन्हें कागज सौंपे। कहा कि बाकी दुकानदारों को भी स्टे की परिधि में शामिल कराने की कवायद की जाए। यह मार्केट पुराना है और यह दुकानदारों के साथ नाइंसाफी रही। वहीं, आवास विकास के एक्सईएन दीप गुप्ता का कहना है कि कुल 46 दुकानों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। 12 को सील तथा बाकी को ध्वस्त करने की तैयारी है। हाईकोर्ट का आदेश है। इसके पालन की पूरी तैयारी कर ली गई है।