बिना शिक्षक विद्यालय में कैसे हो पढ़ाई
उपजिलाधिकारी ने किया प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना
उपजिलाधिकारी ने रामलीला मैदान स्थित प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में स्कूल में तैनात एक मात्र शिक्षा मित्र स्कूल से नदारद मिली। जिस पर एसडीएम ने फोन कर उसे स्कूल में बुलाया। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने परीक्षितगढ़ बस स्टैंड स्थित रामलीला मैदान के पास प्राथमिक पाठशाला नंबर 2 में सुबह के समय पहुंचे। इस बीच वहां शिक्षा मित्र नहीं थी। प्रशिक्षण के लिए आई बीटीसी छात्राओं को प्रार्थना पत्र बिना तिथि का दिया हुआ था। उपजिलाधिकारी ने शिक्षा मित्र कविता को फोन कर स्कूल में बुलाया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी नाराजगी जताई। शिक्षा मित्र कविता ने बताया कि आडिट के संबंध में दूसरे स्कूल में एक शिक्षक के पास गई थी। इस बीच एसडीएम ने बच्चों से किताब पढ़वाकर देखी तो बच्चे किताब नहीं पढ़ सके। साथ ही एसडीएम ने मिड डे मील के संबंध में जानकारी ली। विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के पास अंग्रेजी और गणित की पुस्तक नहीं थी। उपस्थित रजिस्टर में बच्चों की संख्या 58 थी। वहीं, उपस्थित बच्चे तेरह थे।
जर्जर अवस्था में था भवन
प्राथमिक विद्यालय का इमारत जर्जर अवस्था में थी। सभी बच्चे बरामदे में बैठे थे। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि जर्जर भवन के संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। वहीं, सत्र आधे से अधिक गुजर चुका है।