कब्जेदारों को लगा हाईकोर्ट से भी झटका
मेरठ।
हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित सरकारी जमीन के कब्जेदारों को उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने वादियों को अपर जिलाधिकारी के यहां दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
खसरा नंबर 4632 नजूल की भूमि है, लेकिन इस जमीन पर कुछ लोग जहां लंबे समय से काबिज हैं, तो एक बिल्डर ने पिछले साल ही इस जमीन पर कांप्लेक्स निर्माण शुरू किया था। करीब चार हजार वर्ग मीटर की इस बेशकीमती जमीन पर कब्जे के मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया तो प्रशासन हरकत में आया। जिस पर जांच के बाद पता चला कि इस जमीन पर कुल 93 कब्जेदार हैं। इस मामले में एमडीए ने कार्रवाई करते हुए कांप्लेक्स को ध्वस्त कर दिया था।
वहीं दूसरी तरफ 93 कब्जेदारों को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने नोटिस जारी करते हुए कब्जे के लिए मालिकाना हक के साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए जवाब देने के लिए कहा था। जिस पर चार कब्जेदार इस मामले में उच्च न्यायालय चले गए। लेकिन इस मामले में उच्च न्यायालय ने सभी को वापस अपर जिलाधिकारी वित्त के यहां ही दो सप्ताह में जवाब देने का आदेश जारी कर दिया।
अब प्रशासन करेगा कार्रवाई
हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में एमडीए ने आरटीआई में जवाब दिया है। जिसमें एमडीए द्वारा कहा गया है कि उनकी कार्रवाई अवैध रूप से बने कांप्लेक्स को ध्वस्त करने की थी, जिसे उन्होंने कर दिया है। जबकि सरकारी जमीन पर कब्जे को मुक्त कराना प्रशासन का काम है, इसलिए आगे की कार्रवाई प्रशासन करेगा।
खास बात
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों ने एडीएम एफ के नोटिस के खिलाफ दायर की थी याचिका