बिजली आपूर्ति सुधारें, देहात में बांटे बिजली कनेक्शन
मेरठ। उप्र ऊर्जा निगम के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पीवीवीएनएल में चल रही बिजली की केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कुछ कार्यदायी संस्थाओं का कार्य संतोष जनक न मिलने पर नाराजगी जताई। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी करें।
शनिवार को प्रमुख सचिव ने ऊर्जा भवन में समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि देहात में बिजली आपूर्ति शेड्यूल के हिसाब से करें। साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए गांवों में तत्काल कनेक्शन बांटे। उन्होंने आरएपीडीआरपी पार्ट बी, डीडीयूजीजेवाई, आईपीडीएस एवं डीडीयूजीजेवाई के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं द्वारा अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति के सापेक्ष राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया और योजनाएं सही से लागू नहीं की तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में विद्युतीकरण का कार्य हो चुका है वहां पर तत्काल कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन बांटे जाएं। खराब ट्रांसफार्मर 48 घंटे के भीतर बदले जाएं। विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बैठक के उपरांत उन्होंने मंगल पांडे नगर स्थित विभागीय कस्टमर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने 1912 की प्रगति लेने के साथ-साथ टेस्ट कॉल भी की। इनके साथ समीक्षा बैठक में उप्र पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक विशाल चौहान भी पहुंचे। बैठक में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के 14 जनपदों के अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। मौके पर निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन यतीश वत्स, निदेशक वित्त पीके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता एवं स्टाफ आफिसर रविंद्र गुप्ता, अधीक्षण अभियंता मुख्यालय विवेक अग्रवाल, मुख्य अभियंता आईपी सिंह, मुख्य अभियंता वाणिज्य संजय आनंद जैन, एचके सिंह सहायक जनसंपर्क अधिकारी आदि मौजूद रहे।
खास बात
ऊर्जा निगम के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने की योजनाओं की समीक्षा बैठक