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सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 1.60 लाख ठगे

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मेरठ। सिंचाई विभाग के गंगनहर निर्माण खंड में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से उसके परिचित ने 1.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी बनाकर दे दिया। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ टीपीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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रोहटा रोड शांतिकुंज निवासी रुपेश कुमार ने एसएसपी से शिकायती की। इसमें बताया कि उसकी बुआ का बेटा विरांत बेरोजगारी की वजह से परेशान चल रहा था। विरांत की नौकरी के लिए रुपेश ने अपने परिचित गाजीपुर गांव निवासी घनश्याम कश्यप से बात की। आरोप है कि घनश्याम ने सिंचाई विभाग के गंगनहर निर्माण खंड के अधिकारियों से जान-पहचान बताते हुए विरांत की नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके लिए आरोपी ने उनसे 1.60 लाख रुपये ले लिए। आरोप है कि कई दिन बाद भी आरोपी ने रकम नहीं लौटाई है। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



नौकरी व पीएम आवास योजना के नाम पर 1.35 लाख ठगे

मेरठ। नौकरी व पीएम आवास योजना में मकान बनवाने के नाम पर गिरोह ने महिला से 1.35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ टीपीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।चंद्रलोक कॉलोनी निवासी रेनू शर्मा ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि करीब तीन माह पूर्व अंकुर शर्मा नाम का युवक उनके मकान पर आया। उसके साथ दो गार्ड अब्दुल और प्रवीण, चालक नरेंद्र सैनी थे। अंकुर शर्मा ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना में मंडल मंत्री है। बुलंदशहर से उसका ट्रांसफर मेरठ हो गया है। उसे एक कमरा किराए पर रहने के लिए चाहिए। रेनू शर्मा ने उस पर विश्वास कर एक कमरा, रसोई और बाथरूम किराए पर दे दिया। कुछ दिन बाद अंकुर शर्मा और उसकी पत्नी सेला ने रेनू से कहा कि तुम्हारे बेटे की नौकरी आवास-विकास परिषद में लगवा दूंगा। उन्होंने 1.35 लाख रुपये अंकुर शर्मा को दे दिए। बाद में आरोपी ने नौकरी लगवाई और न रुपये लौटाए। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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