ग्रामीणों ने दिया धरना, निगम ने पुलिस की मदद से डाला कूड़ा
गाजियाबाद/मुरादनगर। शाहपुर मोरटा मार्ग पर बनाई गई सेनिटरी लैंड फिल साइट पर नगर निगम के कचरा डालने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने शनिवार को भी धरना दिया तो निगम अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। तीन थानों के पुलिस बल की मौजूदगी में निगम अधिकारियों ने यहां कचरा डंप कराया। एक दिन पूर्व निगम अधिकारी 9 लोगों को नामजद कराकर 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। वहीं ग्रामीण अभी भी विरोध पर अड़े हैं।
मोरटा मार्ग पर कचरा डालने का विरोध तीन दिन से चल रहा है। शुक्रवार से ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। शनिवार को भी ग्रामीण धरने पर बैठे थे। अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, तहसीलदार और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी वीपी शर्मा समेत निगम के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीणों से वार्ता कर धरना खत्म करने का आग्रह किया। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस पर निगम अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। मुरादनगर, सिहानी गेट समेत तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और सुरक्षा में कचरा डंप कराया। करीब दो बजे के बाद नगर निगम के वाहनों ने यहां कचरा डंप किया। नगर निगम के अपर नगरायुक्त का कहना है कि निगम ने लीज पर लेकर कचरा डालना शुरू किया है। कचरा डालने के बाद उस पर मिट्टी डाल दी जाएगी। वैज्ञानिक विधि से इसका निस्तारण कराया जा रहा है। ---
डीएम से मिलने पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल
समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों को पांच सदस्य प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलने पहुंचा, लेकिन जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर कचरा डंप किया जा रहा है, उसके आसपास दो स्कूल हैं और करीब आधा किमी की दूरी पर आबादी बसी है। कचरे से स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों में बीमारी फैलने का खतरा है। शाहपुर मोरटा मार्ग से भदौली, शमशेर, बहादुरपुर, मथुरापुर, मकरेड़ा, भीकनपुर आदि गांव के लोगों का भी आवागमन है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सूरत में यहां डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा।