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सुबह 10.32 पर भूकंप का अलर्ट, तीन मिनट में पहुंची टीम

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मेरठ। शहर में शुक्रवार सुबह 10:32 बजे भूकंप का अलर्ट जारी होते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरएफ) की टीम शहर के अलग-अलग स्थानों पर बचाव और राहत कार्य के लिए पहुंच गई। चारों तरफ पुलिस, सेना और एनडीआरएफ की टीम को देखकर शहरवासी चौंक गए, लेकिन यह मॉक ड्रिल था। शहर के पांच स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई। इसमें सुशीला जसवंत राय अस्पताल, एमडीए परिसर, पीवीएस मॉल, राठी अपार्टमेंट और एनएएस इंटर कॉलेज को चुना गया। पांच स्थानों पर अलर्ट जारी होते ही रिस्पांस टाइम को चेक किया गया। बचत भवन में बनाए गए कंट्रोल रूम से टीम इन पांच स्थानों पर पहुंची।
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टीम ने तुरंत इन स्थानों पर जाने के लिए दौड़ लगा दी। सबसे कम समय एमडीए परिसर में पहुंचने में लगा। यहां टीम को पहुंचने में मात्र तीन मिनट लगे। वहीं, सुशीला जसवंत राय अस्पताल पांच, एनएएस इंटर कॉलेज छह, पीवीएस मॉल आठ और राठी अपार्टमेंट पहुंचने में सात मिनट लगे। टीम ने पहुंचते ही सेना और सिविल डिफेंस के सदस्यों के सहयोग से बिल्ंिडग गिरने से फंसे लोगोें को बाहर निकाला। इन पांच स्थानों पर बिल्डिंग गिरने से 60 लोग घायल हुए। जिसमें 22 को अस्पताल रेफर और 38 घायलों को मौके पर उपचार दिया गया।
आवाज दो अगर कोई फंसा है...
एनडीआरएफ ने सिविल डिफेंस के सदस्यों के साथ तेज आवाज में बोला ‘अगर कोई फंसा है तो मेरी आवाज सुनो और बोलो या किसी ठोस वस्तु को बजा दो’ इससे भी एक-दो घायल को टीम ने ध्वस्त बिल्डिंग से बाहर निकाला। जिससे घायलों को समय पर उपचार की व्यवस्था की गई। वहीं, एमडीए परिसर में सीढ़ियों पर चढ़कर घायलों को निकाला गया।
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गढ़वाल राइफल्स ने किया सहयोग
सेना की ओर से गढ़वाल राइफल्स ने भी मॉक ड्रिल में सहयोग किया। उनकी तरफ से चार अफसर, आठ जेसीओ और 39 अन्य जवानों ने हिस्सा लिया। उन्होंने भी पांच स्थानों पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला। वहीं, इसके अलावा बचत भवन में बने कंट्रोल रूम में सेना के अफसर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के साथ पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।
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