सजा से बचने को दिया नाबालिग होने का प्रमाणपत्र, निकला फर्जी
मोदीनगर। कोतवाली क्षेत्र की मानवतापुरी कॉलोनी में अप्रैल में हुए आदित्य हत्याकांड के एक आरोपी ने नाबालिग होने का आयु प्रमाण पत्र पेश किया। आरोपी ने सजा से बचने के लिए यह काम किया, लेकिन जांच में यह प्रमाण पत्र फर्जी निकला। आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में मामला चल रहा है।
मानवतापुरी कॉलोनी में 27 अप्रेल को 11 वर्षीय आदित्य पुत्र संजीव बंसल का अपहरण के करके गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। अपहरण के एक दिन बाद आदित्य का शव निवाड़ी थाना क्षेत्र में खेत पर पड़ा मिला था। कोतवाली पुलिस नेे हत्याकांड में आशा, कृष्णपाल, सोहनवीर, सुधांशू, अजय उर्फ दिनेश व आकाश को गिरफ्तार किया था। इनमें एक आरोपी आकाश ने खुद को नाबालिग बताते हुए आयु का प्रमाण पेश किया था। ऐसा आरोपी ने सजा से बचने के लिए किया था। आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है। मगर अब पुलिस जांच में सामने आया है आरोपी द्वारा पेश किया गया प्रमाणपत्र गलत है। आरोपी ने 2018 से पूर्व भी हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें इसकी जन्मतिथि 4-11-2000 दशाई गई। जिसके अनुसार आरोपी की आयु 18 साल से ऊपर है। वहीं, दूसरी और मृतक आदित्य के चाचा मोहित बंसल शुरू से ही आरोपी के नाबालिग होने पर संदेह जता रहे थे।