सुनील गुर्जर की हत्या में उलझी पुलिस
- परिजन का आरोप, तगादा करने पर डेयरी संचालक ने की हत्या
- पुलिस बोली, गला सूखने से हुई मौत, परिजनों ने नहीं दी तहरीर
मेरठ/कंकरखेड़ा।
शोभापुर में हुई सुनील गुर्जर की हत्या में पुलिस उलझ गई है। पुलिस का दावा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुनील की मौत का कारण गला सूखना आया है। वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि उधार दिया गया पैसा मांगने पर एक डेयरी संचालक ने हत्या की है। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शोभापुर में पीएसी और आरएएफ तैनात कर दी है।
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के शोभापुर निवासी सुनील गुर्जर का शव बुधवार को जंगल में अधजला मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। वहीं ग्रामीण मामले को दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हुई हिंसा से जोड़कर देख रहे हैं। ग्रामीणोें के अनुसार, हिंसा के दौरान शोभापुर में बसपा कार्यकर्ता गोपी पारिया की हत्या हुई थी। अनुसूचित जाति के युवकों ने गोपी पारिया की हत्या के बदले गुर्जर बिरादरी के नौ लोगों को मारने की चेतावनी दी थी। गोपी पारिया के भाई और दोस्तों ने आशीष गुर्जर और मोनू गुर्जर की हत्या कर दी थी। गांव में चर्चा है कि अनुसूचित जाति के युवकों ने ही वारदात की है।
डेयरी संचालक पर आरोप
सुनील के रिश्तेदार सुधीर गुर्जर ने बताया है कि पांच माह पूर्व सुनील ने गांव निवासी एक डेयरी संचालक से दो भैंसें खरीदीं थीं। किसी कारण से बाद में लौटा दी थीं। डेयरी संचालक ने पैसे नहीं लौटाए थे। सुनील बार बार तगादा कर रहा था। डेयरी संचालक से कई बार उसका विवाद भी हुआ था। परिजनों का आरोप है कि डेयरी संचालक के यहां पर अनुसूचित जाति का एक युवक नौकरी करता है। उसी के साथ मिलकर सुनील की हत्या की गई है। इसे लेकर सुधीर ने तहरीर दी है। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा एपी मिश्रा का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह डिहाईड्रेशन आई है। फिलहाल परिजनों जो आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है।
कैसे जली सुनील की बॉडी
सुनील का शरीर करीब 40 फीसदी जला हुआ मिला है। सवाल बड़ा है कि आखिर शरीर कैसे जलाया गया है। वहीं, पुलिस ने देररात जवाहर नगर की मद्रासन बस्ती में अवैध शराब पकड़ने के लिए छापामारी की। यहां से कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस सुनील की मौत के संबंध में पूछताछ कर रही है।
शांति बनाए रखने की अपील
पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को सुनील का शव भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचाया गया। इसके बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मौके पर पहुंचे समाज सेवी दुष्यंत रोहटा और नवाब सिंह लखवाया ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्हें समझाया कि किसी के बहकावे में न आएं। पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगी।