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पीवीवीएनएल के 23 अधीक्षण अभियंताओं का तबादला, 25 मिलें

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पीवीवीएनएल के 23 अधीक्षण अभियंताओं का तबादला, 25 मिलें
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- शासन ने विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया कदम
- 15 साल से एक ही डिस्कॉम में जमे अभियंताओं का किया दूसरी डिस्कॉम में तबादला
- तबादलों से विभाग में मचा हड़कंप, अब मुख्य अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं की बारी
मेरठ। यूपीपीसीएल ने पीवीवीएनएल में पिछले 15 साल से ज्यादा समय से जमे 23 अधीक्षण अभियंताओं के तबादले प्रदेश की अन्य डिस्कॉम में कर दिए हैं। वहीं इनके स्थान पर 25 अधीक्षण अभियंताओं को पीवीवीएनएल भेजा गया है। इतनी बड़ी संख्या में तबादले होने से अभियंताओं में हड़कंप मचा हुआ है। दूसरे चरण में मुख्य अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं के तबादले होने हैं।
यूपीपीसीएल ने प्रदेश की सभी पांचों डिस्कॉम में पारदर्शिता लाने की बात कहते हुए एक ही डिस्कॉम में 15 साल से जमे अभियंताओं के तबादले डिस्कॉम से बाहर करने का आदेश जारी किया था। आदेश के बाद से अभियंताओं में हड़कंप मचा हुआ था। आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् अभियंता संघ ने दस दिन तक काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार भी किया था, लेकिन यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने एक नहीं सुनी थी। बुधवार को पीवीवीएनएल के 23 अधीक्षण अभियंताओं के तबादले प्रदेश की अलग-अलग डिस्कॉम में कर दिए गए।
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इनका हुआ तबादला
तबादला होने वाले अधीक्षण अभियंताओं में बीएम शर्मा, संजय जैन, संजय अग्रवाल, राजीव जैन, विजयपाल, भूदेव प्रसाद, अजय अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, मुकेश गर्ग, रवि अग्रवाल, संजीव राणा, सतगुरु श्रीवास्तव, पवन अग्रवाल, आलोक गोयल, अशोक सिंह, राजेश कमार, जेके सिंह, मधुप श्रीवास्तव, रवींद्र गुप्ता, विवेक अग्रवाल, अनिल कुमार, विनोद पांडेय, राकेश गुप्ता आदि शामिल है। इनके स्थान पर मध्यांचल, पूर्वांचल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आदि डिस्कॉम से 25 अधीक्षण अभियंताओं के तबादले पीवीवीएनएल में किए गए हैं। कंपनी एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि कंपनी के 23 अधीक्षण अभियंताओं के तबादले हुए हैं। 25 अधीक्षण अभियंता तबादला होकर कंपनी में आए हैं। जल्द ही मुख्य अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं की भी तबादला सूची आने वाली है।
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मलाईदार पश्चिमांचल से जाना नहीं चाहते अभियंता
पीवीवीएनएल प्रदेश की सर्वाधिक राजस्व अर्जित करके देने वाली डिस्कॉम है। दूसरे शब्दों में इस डिस्कॉम को मलाईदार डिस्कॉम भी कहा जाता है। हर अभियंता इस डिस्कॉम में आने को लालायित रहता है। जो अभियंता एक बार यहां आ जाता है वह यहां से नहीं जाना चाहता। यहां पर ऐसे अभियंता भी है जो एसडीओ के पद पर तैनात हुए और मुख्य अभियंता तक पहुंच गए। 20 से 25 साल इसी डिस्कॉम में हो गए।
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