अस्पताल संचालकों को हर हाल में देना होगा जुर्माना
जल प्रदूषण फैलाने पर सात अस्पतालों की गई है कार्रवाई
जुर्माने से बचने के लिए अस्पताल संचालकों ने लगाया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम। जल प्रदूषण फैलाने पर जुर्माना लगने के बाद अस्पताल संचालक इससे बचाव का रास्ता तलाशने में जुट गए हैं। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जुर्माना तो हर हाल में देना पड़ेगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनटीजी के निर्देश पर शहर के अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था। इसकी रिपोर्ट के आधार पर शहर के सात बड़े अस्पतालों पर तीन से चार लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। यहां एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (इक्यूपमेंट ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं लगा मिला था। अमर उजाला ने 26 जून के अंक में इस खबर को एक्सक्लूसिव प्रकाशित किया, तो अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। बुधवार को कुछ अस्पताल संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय पहुंचे और जुर्माने से बचने के लिए सेटिंग करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने कह दिया कि 15 दिन के अंदर जुर्माना बोर्ड मुख्यालय में जमा करना पड़ेगा। जिन अस्पतालों पर जुर्माना लगाया गया, उनमें मेडिकल कालेज, एम प्रकाश नर्सिंग होम, होप नर्सिंग होम, लोकप्रिय अस्पताल, मेडविन अस्पताल, ओम ट्रॉमा सेंटर, आनंद नर्सिंग होम शामिल हैं।
वर्जन
जुर्माना तो हर हाल में देना होगा। अगर इन अस्पतालों ने मानकों को पूरा नहीं किया तो फिर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा 100 अन्य अस्पतालों पर भी विभाग की नजर है। वे मानकों को पूरे कर लें या फिर जुर्माना देने के लिए तैयार रहें।
- आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी