हरियाली पर कुल्हाड़ा, काटे 48 आम के पेड़
खरखौदा। पर्यावरण प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। लोग पौधरोपण के प्रति गंभीर नहीं है। पेड़ों की कटाई जा रही है। ऐसा ही मामला मंगलवार को क्षेत्र में सामने आया। गांव बिजौली के जंगल में दो दिन से आम के 48 हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम बिना कार्रवाई के लौट गई।
खरखौदा क्षेत्र में तेजी से आम के बागों को काटा जा रहा है। पिछले एक वर्ष में हजारों बीघा आम के बाग काटे जा चुके हैं। किसान इसका मुख्य कारण बागों से अच्छा मुनाफा न मिलना बता रहे हैं। पिछले दो दिन से भी गांव बिजौली के जंगल में आम का हरा बाग काटा जा रहा है। व्यापारियों ने दो दिन में 48 पेड़ काट दिए। क्षेत्रिय लोगों ने वन विभाग को शिकायत कि अनुमति कम पेड़ों की ली है तथा काटे अधिक जा रहे हैं। सूचना पर वन विभाग की मौके पर पहुंची। वहीं इस संबंध में वन रेंजर आरपी सिंह ने बताया कि अनुमति के अनुसार ही पेड़ काटे जा रहे हैं।
पत्तों में लगाई आग
वन विभाग हरे पेड़ काटने की अनुमति नहीं देता है। लोगों ने बताया कि बाग में दो चार पेड़ सूखे पड़े थे, जबकि अन्य पेड़ों के नीचे पत्तों में बाग खरीदने वाले व्यापारियों ने आग लगा दी। इससे पेड़ों के पत्ते झुलस गए। इसके बाद व्यापारियों ने उनकी फोटो लेकर विभाग को दिखाकर अनुमति ले ली। लोगों का आरोप है कि नियमानुसार विभाग के अधिकारी को मौके पर आकर जांच करनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। मिलीभगत से हरे पेड़ों को काटा जा रहा है।