बंद नहीं हो रहे हादसे, खुले हैं मौत के रास्ते
8 साल, 2950 हादसे, 755 मौत, 3909 घायल
हादसों का सबब बन रहे नेशनल हाईवे-58 पर बने अवैध कट
साल-दर-साल बढ़ रहा हादसों का ग्राफ, एनएचएआई बना अंजान
कांवड़ यात्रा शुरू होने में बचे कुछ दिन, नहीं सुधर रही व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम।
कांवड़ यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में शहर और एनएच-58 से हजारों लोगों का हुजूम गुजरेगा। लेकिन अभी तक प्रशासन ने हाईवे पर यातायात व्यवस्था के लिए कोई प्लानिंग नहीं की है, जिससे हाईवे पर होने वाले हादसों पर लगाम कसी जा सके। इसके अलावा एनएचएआई भी हाईवे पर बने अवैध कटों से अंजान बना हुआ है। यह आलम तब है, जबकि साल दर साल हाईवे पर हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते आठ सालों आंकड़ा देखें तो अभी तक 2950 हादसे हो चुके हैं। इनमें 755 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 3909 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
परतापुर बाईपास से लेकर रामपुर तिराहा (मुजफ्फरनगर) तक का करीब 72 किमी का यह हाईवे हादसों का सबब बनता जा रहा है। दिनोंदिन यहां हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इसके लिए कहीं न कहीं एनएचएआई और टोल कंपनी भी जिम्मेदार है। जिनको हाईवे पर जगह जगह बने अवैध कट नहीं दिखाई देते। इसके अलावा लोग भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने अपनी सुविधा के हिसाब से अवैध कट बना रखे हैं। अगर यह कट बंद हो जाएं तो हाईवे पर हादसों में कमी आ सकती है। 15 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। ऐसे में हाईवे पर हादसों को रोकना सभी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बीते आठ सालों में हुए हादसे
वर्ष हादसा मौत घायल
2012 599 95 249
2013 435 99 752
2014 218 87 296
2015 213 69 287
2016 223 94 237
2017 427 103 662
2018 492 116 842
2019 343 92 584
वर्ष 2019 के आंकडे 23 जून तक के दिए गए है।
हाईवे पर यहां हैं अवैध कट
- कंकरखेडा खिर्वा चौराहा
- सिवाया गांव के सामने
- सिवाया गांव भराला के सामने
- नावला की कोठी मंसूरपुर
- बेगराजपुर हाईवे के सामने
- पचेंडा से पहले मुजफ्फरनगर
- रामपुर तिराहा के पास मुजफ्फरनगर
- बाईपास भैंसी गांव के सामने नये होटल के पास
- छपार हाईवे पर नहर के पास
- मुजफ्फरनगर में एंट्री से पहले खोला गया कट
- मंसूरपुर में देवराना होटल के सामने
अवैध कट बनाना अपराध
एनएचएआई और टोल कंपनी के नियमानुसार हाईवे पर अवैध कट बनाना अपराध है। अवैध कट बनाने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। स्थानीय लोगों को इस संबंध में जागरुक होने की जरूरत है। उन्हें अवैध कट को बंद कराने में सहयोग करना चाहिए। टोल कंपनी के रूट ऑपरनेशन मैनेजर राणा प्रताप सिंह का कहना है कि सिवाया, खिर्वा चौराहे और खतौली बाईपास पर कई बार कट बंद कराए गए हैं, लेकिन लोग फिर खोल देते हैं।
ये भी हैं हादसों के कारण
- मानक से अधिक गति में हाईवे पर वाहन दौड़ाना
- हाईवे पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी
- वाहन पर मानक से अधिक सवारी बैठाना
- रात में वाहन को हाई बीम पर चलाना
- बिना सीट बेल्ट और हेलमेट लगाए ड्राइविंग करना
वर्जन----
अवैध कटों को कुछ समय पहले बंद कराया गया था, लेकिन स्थानीय लोग फिर खोल लेते हैं। यह गलत है। कट बंद करवाने के लिए प्रसासन को पत्र लिखकर पुलिस फोर्स मांगा गया है। इसके लिए ग्रामीणों का भी सहयोग जरूरी है। कट बंद होने से हादसों में कमी आएगी। कांवड़ यात्रा से पूर्व इन्हें बंद करने का प्रयास किया जाएगा। -बृजेश सिंह, मेंटीनेंस मैनेजर, वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा