किसानों ने राजमार्ग पर निर्माण रोका
खरखौदा। मेरठ से बुलंदशहर तक बनाए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 235 का निर्माण किसानों ने गुलावठी में रोक दिया है। हापुड़ से बुलंदशहर तक केवल 60 फीसदी निर्र्माण हो सका है। वहीं, सबसे बड़ी समस्या गुलावठी में बनाए जा रहे बाईपास के लिए नए सिरे जमीन का अधिग्रहण होना है। इसका गजट पास नहीं हो पा रहा है। बीती 18 जून को गजट होना था। जिसके चलते किसानों ने बाईपास का निर्माण रोक दिया तथा मशीनों को वापस भेज दिया है।
मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 61.19 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण 2011 में शुरू हुआ था। हालांकि सड़क निर्माण 2016 में शुरू हुआ। इसका निर्माण एपको इंफ्राटेक प्रा. लिमिटेड कंपनी कर रही है। यह प्रोजेक्ट अक्तूबर 2019 में पूरा होना था। किसानों के विरोध के चलते कई जगह बदलाव किए गए। जिसके चलते कंपनी को मार्च 2020 तक का समय दिया गया। अब कैली जंक्शन एवं हापुड़ में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज का काम रुका हुआ है। वहीं, गुलावठी में बाईपास के लिए और जमीन की आवश्यकता है। इस पर किसान नए सिरे से गजट जारी किए जाने की मांग पर अड़े हैं। इसे एनएचएआई ने मान लिया है। किसान गजट होने एवं मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए एनएचएआई द्वारा कई बार समय दिया जा चुका है। पहले आचार संहिता के चलते गजट नहीं हुआ था। एनएचएआई द्वारा 18 जून को गजट करने का वादा किया था परंतु नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध किसानों ने रविवार को गुलावठी बाईपास पर करीब दर्जनभर गांवों में निर्माण रोक दिया। इतना ही नहीं जगह-जगह जेसीबी से गड्ढे खुदवा दिए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण शुरू करना है तो गजट कर जल्द मुआवजा दिया जाए।
एनएचएआई के अधिकारी नहीं पहुंचे
निर्माणाधीन बाईपास पर मिट्टी का कार्य चल रहा है। फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण भी जारी है। किसानों ने सभी निर्माण रुकवा दिया तथा मशीनों को वापस भेज दिया। इसके बावजूद निर्माण कंपनी एवं एनएचएआई का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
मानसून सीजन से पडे़गा असर
क्षेत्र में जुलाई में मानसून आ जाता है। गुलावठी बाईपास पर मिट्टी का कार्य चल रहा है। यह बरसात में नहीं हो सकेगा। जिस कारण मार्च 2020 तक कार्य पूर्ण होने की संभावना बहुत कम है।
अभी और करना होगा इंतजार
राष्ट्रीय राजमार्ग चालू होने पर लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मेरठ से बुलंदशहर तक अब करीब दो से तीन घंटे का समय लगता है। हाईवे तैयार होने पर 40 से 50 मिनट में सफर पूरा किया जा सकता है। हालांकि एनएचएआई एवं प्रशासन के ढुलमुल रवैये के चलते कार्य समय से पूरा होने की संभावना कम दिख रही है।
किसानों ने निर्माण कार्य को रोक दिया है। जिस पर प्रशासन की ओर से किसानों ने बात की जा रही है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। नई सरकार का गठन हुआ है। जिस कारण गजट हस्ताक्षर के लिए मंत्रालय में अटका है। एक-दो दिन में गजट हो जाएगा। -डीके चतुर्वेदी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई