सामूहिक विवाह योजना से शहरवासियों ने फेरा मुंह
मेरठ। शहरवासी सरकार द्वारा संचालित सामूहिक विवाह योजना से मोहभंग कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि समाज कल्याण विभाग की ओर से 27 जून को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह के लिए शहर क्षेत्र से नगर निगम को सिर्फ एक लाभार्थी ने आवेदन दिया है। जिससे विभाग चिंतित है। समाज कल्याण अधिकारी मौ.मुश्ताक अहमद ने बताया कि इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए सामाजिक संस्थाओं को आगे आना होगा।
यह है योजना
सरकार ने गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की विवाह के लिए सामूहिक विवाह योजना को शुरू किया था। इस योजना में दो लाख रुपये आय प्रमाण पत्र बनाने के बाद वर-वधू की जोड़ी बनाने पर आवेदन किया जाता है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से सामूहिक विवाह कराया जाता है। इसमें वधू के खाते में 35 हजार रुपये और विवाह संस्कार के लिए दस हजार की सामग्री दी जाती है। सामग्री के रुप में एक साड़ी, एक जोड़ी पायल, दो जोड़ी बिछिया, एक मोबाइल, एक वैनिटी किट, एक जोड़ी पेंट शर्ट का कपड़ा, बर्तन आदि दिए जाते हैं। इस योजना में मेरठ की प्रगति धीमी होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद समाज कल्याण विभाग हरकत में आया है।
रजपुरा ब्लॉक से सबसे ज्यादा आवेदन
27 जून को होने वाले सामूहिक विवाह में सबसे ज्यादा आवेदन रजपुरा ब्लॉक से आए हैं। यहां से इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र 40 लाभार्थियों का चयन किया गया है। वहीं, खंड विकास अधिकारी मेरठ से 6, रोहटा से 7, जानी से 5, खरखौदा से 6, हस्तिनापुर से 7, परीक्षितगढ़ से 5, मवाना से 6, माछरा से 15, सरधना से 5, सरुरपुर से 8, दौराला से 11, नगर पालिका मवाना से 2 और नगर निगम मेरठ से मात्र एक आवेदन प्राप्त हुआ।