रिश्वत लेने का आरोपी कर्मचारी गया जेल, सस्पेंड
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किये गये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को मंगलवार को पुलिस ने एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है।
शास्त्रीनगर निवासी नीतू शर्मा 22 अप्रैल से विश्वविद्यालय में बीए की मार्कशीट बनवाने के लिए चक्कर काट रही थीं। तीन दिन पहले उन्होंने एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी कि उनसे चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गजेंद्र शर्मा मार्कशीट बनवाने के लिए एक हजार रुपये की घूस मांग रहा है। सोमवार को एंटी करप्शन टीम इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा के नेतृत्व में नीतू शर्मा को साथ लेकर कैंपस के परीक्षा विभाग पहुंची। टीम ने नीतू को पाउडर लगे पांच-पांच सौ के दो नोटों वाला लिफाफा दे दिया। नीतू ने गजेंद्र शर्मा को अपने कागजात के साथ नोटों वाला लिफाफा पकड़ा दिया। तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन के निरीक्षक की तहरीर पर गजेंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। मंगलवार को गजेंद्र शर्मा को जेल भेज दिया गया। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जांच समिति का भी गठन कर दिया है।