चिंदौड़ी में एलान के बाद किसान की हत्या
फलावदा/मेरठ। फलावदा क्षेत्र के गांव चिंदौड़ी में एलान के बाद सोमवार सुबह किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। किसान की बहन और बेटे पर भी फायर किया, लेकिन उन्होंने भागकर जान बचाई। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
गांव चिंदौड़ी निवासी राजकुमार उर्फ बिल्लू (45) पुत्र गंगाशरण अपनी बहन ओमवती और 14 साल के बेटे वंश के साथ चरला के जंगल में स्थित खेतों पर काम करने गया था। सुबह 6.30 बजे तमंचे लेकर तीन युवक पहुंचे और राजकुमार को दबोच लिया। हथियारबंद युवक देखकर ओमवती और वंश खेतों में छिप गए। बदमाशों ने उन पर भी फायर किए, लेकिन वे बच गए। इसके बाद आरोपियों ने पहले राजकुमार को गिराकर पीटा और फिर सिर में सटाकर गोली मार दी। दूसरी गोली सीने से सटाकर मारी। वारदात के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गये।
उधर वंश भागकर गांव चरला पहुंचा और वहां ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। चरला के गांव वाले पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, तो राजकुमार का खून से लथपथ शव पड़ा था। सूचना पर एसपी देहात अविनाश पांडेय, सीओ मवाना और एसओ फलावदा पहुंचे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजकुमार के ससुर राजकुमार ने रणवीर पुत्र तेजपाल, कृष्णपाल पुत्र रणवीर, महेंद्री पत्नी रणवीर, अंकुश पुत्र संजय, पूनम पत्नी मदन, शिवम पुत्र अज्ञात निवासी चिंदौड़ी और राहुल उर्फ मिट्टू पुत्र नैपाल निवासी मोहीउद्दीनपुर को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि शीघ्र ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं वंश और ओमवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार धमकी दे चुके थे। रविवार शाम को भी घर आकर जान से मारने की धमकी दे गए थे।
रंजिश में हत्या, शिवम ने मारी गोली
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि तीन साल पहले यह रंजिश शुरू हुई। ओमवती ने बताया कि नामजद आरोपी कृष्णपाल का पुत्र मदन तीन साल पहले राजकुमार के परिवार के किसी सदस्य के साथ बाइक से मंसूरपुर गया था। वहां दुर्घटना में मदन की मौत हो गई थी। कृष्णपाल को लगा कि उसके बेटे की हत्या की गई है। तभी से यह रंजिश शुरू हुई थी।
किसी ने नहीं की वंश की मदद
वंश भागकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों के पास पहुंचा और उनसे चिल्ला-चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। वंश ने पुलिस को बुलाने के लिए फोन मांगा, लेकिन किसी ने भी फोन तक नहीं दिया।
बीमारी के कारण नहीं भाग सका राजकुमार
राजकुमार के तीन बच्चे हैं। वंश सबसे बड़ा, उसके बाद शिवम और ईशा हैं। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। राजकुमार स्लिप डिस्क बीमारी से पीड़ित था। इसी कारण वह भाग नहीं सका।